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एएनएम का क्लीनिक देख सनसनीखेज खुलासे

Thu, 19 Sep 2013 12:02 AM IST
अमर उजाला, पानीपत
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पानीपत के स्वास्थ्य विभाग के सब सेंटर पर तैनात एएनएम मीना गर्भपात और इलाज में सरकारी दवाओं का इस्तेमाल करती थी।
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उसके क्लीनिक से कई तरह की सरकारी दवाओं को बरामद करने का भी सनसनीखेज खुलासा हुआ है।

स्वास्थ्य विभाग ने गर्भपात के मामलों में संलिप्त होने की संभावनाओं और सरकारी दवाओं का प्राइवेट क्लीनिक में इस्तेमाल पाए जाने पर सस्पेंड करने की सिफारिश कर दी है। स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों में इस पूरे मामले में अपने स्तर पर कोई कठोर फैसला भी ले सकते हैं। इसके बाद एएनएम की मुश्किल बढ़ गई हैं।

जिला स्वास्थ्य विभाग ने एएनएम के क्लीनिक पर ऑक्सीटोसिन समेत कई तरह की दवा मिली थी। इसे विभाग ने गंभीर माना और बुधवार को जिले के अधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को एएनएम मीना को सस्पेंड करने की सिफारिश कर दी। एएनएम के पास सरकारी दवा मिलने के बारे में डीसी समीर पाल सरो ने पत्रकार वार्ता में भी जिक्र किया था।
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विभाग ने नजर रखनी की शुरू
स्वास्थ्य विभाग एएनएम के क्लीनिक पर सरकारी दवा मिलने के बाद गंभीर हो गया है। अधिकारियों ने सभी चिकित्सकों और इंचार्ज को इसकी हिदायत दे दी है। विभागीय अधिकारी भी इस पर नजर रखेंगे। किसी भी स्वास्थ्य कर्मी पर शक के आधार पर घर की तलाशी भी ले सकते हैं।

ये है मामला
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार सुबह परशुराम कॉलोनी स्थित एक क्लीनिक समेत तहसील कैंप और समालखा स्थित एक अस्पताल पर छापा मारा था। क्लीनिक को स्वास्थ्य विभाग के कुटानी स्थित सब सेंटर पर तैनात एएनएम मीना चलाती थी। टीम को यहां से गर्भपात कराने की दवा और उपकरण बरामद किए थे। यहां पर मिले रिकार्ड के आधार पर तहसील कैंप स्थित मनीषा मैटरनिटी एंड जनरल अस्पताल में भी छापा मारा। यहां पर भी विभाग को इस तरह के उपकरण का दवा मिली।
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इसके अलावा समालखा की चांद कालोनी स्थित मलिक अस्पताल पर छापा मारा। यहां पर भी विभाग को गर्भपात कराने के उपकरण व दवा बरामद की थी। स्वास्थ्य विभाग ने दोनों डाक्टरों और एएनएम के खिलाफ पुलिस को शिकायत दे दी थी। पुलिस ने डॉ. मनीषा और एएनएम मीना को गिरफ्तार कर लिया था। दोनों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत भेज दिया था।
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