पानीपत। स्वास्थ्य विभाग ने इस बार मच्छरों के डंक उगने से पहले उसे कुचलने की तैयारी की ली है। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू व मलेरिया पर अंकुश लगाने के रैपिड फीवर सर्वे शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की एक व दो सदस्यीय 216 टीमें फील्ड में काम कर रही है। ये टीमें जिले भर में एंटी लार्वा एक्टिविटी भी चला रही है। अप्रैल माह में अब तक जिले में डेढ़ लाख घरों की जांच हो चुकी है। ये एक्टिविटी अक्तूबर तक चलेगी।
टीमों ने अब तक बुखार के 1500 रोगी खोजे हैं। इनकी स्लाइड तैयार कर जांच की गई है। अच्छी खबर यह है कि अब तक जिले में डेंगू व मलेरिया का कोई रोगी नहीं मिला है। दूसरी ओर अब तक लार्वा मिलने पर 20 घरों को नोटिस भी दिए गए हैं।
हेल्थ सुपरवाइजर जसमेर सिंह ने बताया कि सर्वे में एंटी लार्वा एक्टिविटी कराई जा रही है। वर्ष 2021 में मलेरिया के दो केस मिले थे। इस बार मच्छर के डंक को पनपने से पहले कुचलने की तैयारी है। 10 बहुउद्देश्यीय के नेतृत्व में टीमें बनाई गई हैं। एएनएम और आशा वर्कर सहयोग कर रही हैं। जिले में करीब 200 स्थायी व अस्थायी तालाब हैं। इनमें गंबूजिया मछली डालने का काम शुरू हो जाएगा। खोतपुरा और नौल्था के तालाब में स्वत: गंबूजिया मछली पनपती हैं, वहां से भी ली जाएंगी। टीमें घरों में दस्तक देकर लोगों को मच्छर जनित रोगों के प्रति जागरूक भी कर रही हैं।
सभी सीएचसी व पीएचसी में आज कार्यक्रम
25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस पर स्वास्थ्य विभाग सिविल अस्पताल और सीएचसी-पीएचसी में जागरुकता कार्यक्रम करेगा। एक मई से पांच सदस्यीय स्प्रे की टीम और एक जुलाई से 25-30 सदस्यीय ब्रीडर चेकर फील्ड में उतारे जाएंगे। टीमों ने घर-आफिस-फैक्ट्रियों में कूलर, होदी, छत पर रखी पानी की टंकी, रेफ्रीजरेटर की ट्रे, कंटेनर इत्यादि चेक करने शुरू कर दिए हैं। मच्छर का लार्वा पाए जाने पर, उसे नष्ट किया जा रहा है।
मच्छरों से बचाव के तरीके-
-सोते समय मच्छर दानी का उपयोग करें।
-खिड़की दरवाजों में नेटिग होनी चाहिए।
-घर-आसपास पानी को एकत्र न होने दें।
-शरीर को ढ़कने वाले कपड़े पहनें।
-बुखार आने पर तुरंत जांच कराएं।
मलेरिया बुखार के लक्षण-
-तेज बुखार आना।
-पसीना आना।
-शरीर में दर्द और उल्टी आना।
सामाजिक संस्थाएं ले सकती हैं मदद
शहर की कुछ सामाजिक संस्थाओं के पास फागिंग मशीनें हैं। जनहित में वे कालोनियों में फागिंग कार्य करती रही हैं। इन्हें दवा की जरूरत है तो नगर निगम से मांग सकते हैं। वहां मिलने में कोई दिक्कत है तो डिप्टी सिविल सर्जन (मलेरिया) से दवा की मांग की जा सकती है।
अब तक मलेरिया का कोई रोगी नहीं मिला
जिले में एंटी लार्वा एक्टिविटी चलाई जा रही है। अब तक जिले में मलेरिया का कोई रोगी नहीं मिला है। 25 अप्रैल को सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जागरुकता कार्यक्रम होंगे। घरों व फैक्टरियों में एंटी लार्वा एक्टिविटी अक्तूबर तक चलेगी। -डॉ. सुनील संदुजा, डिप्टी सिविल सर्जन