पानीपत। शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. गगनदीप मित्तल की अदालत ने युवक को दोषी करार दिया। साथ ही 10 साल कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
जिला न्यायवादी राजेश चौधरी ने बताया कि पीड़िता ने 31 दिसंबर 2019 को महिला थाना पुलिस को शिकायत दी थी। जिसमें बताया था कि वह पुराना औद्योगिक थाना क्षेत्र के अंतर्गत रहती है। उसकी कुटानी रोड निवासी सूरज (23) के साथ प्राचीन देवी मंदिर में मुलाकात हुई थी। एक साल तक दोनों ने फोन पर बातचीत की। इसी बीच अक्तूबर 2019 में सूरज युवती को एक होटल में ले गया, जहां शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। इसके बाद लगातार संबंध बनाने से युवती गर्भवती भी हो गई, लेकिन जब युवती ने सूरज को शादी के लिए कहा तो उसने इंकार कर दिया। करीब ढाई साल तक कोर्ट में चली सुनवाई के बाद मामले में सूरज को दुष्कर्म का दोषी पाया गया।
यूपीटी टेस्ट कराया तो पॉजिटिव आई थी रिपोर्ट
मेडिकल प्रशिक्षण से इंकार करने के बाद युवती का यूपीटी टेस्ट करवाया गया था, जिसमें उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। युवती ने शपथ पत्र दिया था कि वह गर्भ में पल रहे शिशु को जन्म अवश्य देगी। विभिन्न पहलुओं पर जांच करते हुए पुलिस ने सूरज को दो जनवरी 2020 को गिरफ्तार कर तीन जनवरी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
युवक ने दूसरी लड़की से की शादी, नरमी की अपील नहीं आई काम
दुष्कर्म में दोषी युवक ने डेढ़ साल पहले दूसरी शादी भी कर ली थी, जिसका हवाला देते हुए उसके अधिवक्ता ने अदालत से नरमी की गुहार लगाई। दूसरी ओर पीड़िता के अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी ने युवती के साथ दुष्कर्म किया है, जिससे वह गर्भवती हो गई। इसके बाद युवक ने किसी और लड़की से शादी कर पीड़िता का जीवन बर्बाद किया है।
हत्या से बड़ा अपराध है रेप, पीड़िता जीवन कॉल में ही मर जाती है : कोर्ट
अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि हत्या से भी बड़ा अपराध रेप है, जिसमें पीड़िता अपने जीवन काल के दौरान ही मर जाती है। दुष्कर्म का अपराध महिला के मनोविज्ञान को नष्ट कर देता है, उसे गहरे भावनात्मक संकट में धकेल देता है। महिला के जीवन में यह अपमानजनक और दर्दनाक घटना है।