मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार पंजाब के पास कोयले का 43 दिनों का भंडार मौजूद है जबकि पिछली सरकारों के समय राज्य में ब्लैकआउट का खतरा बना रहता था। राज्य सरकार के ठोस प्रयासों से पछवाड़ा के पास खदान से कोयले की सप्लाई साल 2015 के बाद अब फिर शुरू हो चुकी है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में मुफ्त बिजली की गारंटी का एक साल सफलता के साथ पूरा होने पर पंजाबवासियों को बधाई दी है। रविवार को एक बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साल एक जुलाई को लोगों को मुफ्त बिजली देने की गारंटी लागू की थी। उन्होंने कहा कि तब से लेकर राज्य के 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और पिछली जुलाई से बिजली का बिल जीरो आ रहा है।
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मान ने कहा कि यह बहुत ही सम्मान और तसल्ली की बात है कि घरेलू खपतकारों के साथ-साथ देश के अन्नदाताओं को भी राज्य में कृषि के लिए मुफ्त और निर्विघ्न बिजली मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को बिना किसी कट के आठ घंटे से अधिक समय निर्विघ्न बिजली सप्लाई मिल रही है। उन्होंने कहा कि खुश और संतुष्ट हुए किसान इस संबंधी वीडियो शेयर करके अपने विचार साझा कर रहे हैं और इसके साथ-साथ राज्य सरकार का धन्यवाद भी कर रहे हैं। राज्य सरकार ने पंजाब राज्य बिजली निगम को 20 हजार 200 करोड़ रुपये की सब्सिडी भी अदा कर दी है। यह कदम पिछली सरकारों की तरह कर्ज लेकर नहीं, बल्कि खजाने की लूट और भ्रष्टाचार को रोकने के कारण संभव हुआ है।
पंजाब के पास कोयले का 43 दिन का भंडारः मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार पंजाब के पास कोयले का 43 दिनों का भंडार मौजूद है जबकि पिछली सरकारों के समय राज्य में ब्लैकआउट का खतरा बना रहता था। राज्य सरकार के ठोस प्रयासों से पछवाड़ा के पास खदान से कोयले की सप्लाई साल 2015 के बाद अब फिर शुरू हो चुकी है। पिछली सरकारों ने प्राइवेट थर्मल प्लांटों से गैरकानूनी ढंग से पैसे लेने के लिए इस कोयला खदान से सप्लाई रोक दी थी। चाहे देशभर की सरकारें पैसे कमाने के लिए सरकारी संपत्तियां बेच रही हैं लेकिन पंजाब सरकार ने प्राइवेट थर्मल प्लांट खरीदने का फैसला करके नया रुझान शुरू किया है। धान के चल रहे सीजन के दौरान भी इंडस्ट्री को निर्विघ्न बिजली आपूर्ति हो रही है।
पहली बार टेलों तक पहुंचा नहरी पानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंजाब को अतिरिक्त बिजली वाला राज्य बनाने के लिए ठोस प्रयास कर रही है और अब राज्य में वातावरण अनुकूल ऊर्जा, सौर और पन-बिजली को उत्साहित करने की तरफ ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी एलान किया कि राज्य सरकार पानी की लीकेज को रोकने के लिए रावी दरिया पर पठानकोट में 206 मेगावाट की क्षमता वाला हाईड्रो पावर प्रोजेक्ट स्थापित कर रही है। इस पानी का प्रयोग बिजली पैदा करने के साथ-साथ राज्य के खेतों की सिंचाई के लिए भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों के कारण पहली बार गांवों में नहरी पानी टेलों पर पहुंचाया गया है जिससे ट्यूबवेलों पर बोझ कम हुआ है और इससे बिजली और भू-जल पानी की काफी बचत हुई है।