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प्रतिदिन बढ़ रहे अवैध हिरासत के मामले, चौकियों में सीसीटीवी कैमरे लगाने में देरी क्यों : हाईकोर्ट

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चंडीगढ़। पुलिस चौकियों में सीसीटीवी कैमरों को लगाने में देरी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा व पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि चौकियों में सीसीटीवी कैमरे मौजूद न होने के कारण दिन प्रतिदिन अवैध हिरासत के मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है।
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सुनवाई आरंभ होते ही हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से सीसीटीवी कैमरों पर जवाब मांगा। पंजाब सरकार ने बताया कि कैमरों का प्रस्ताव पास किया जा चुका है और वित्त विभाग से फंड जारी होते ही सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। हरियाणा सरकार ने जवाब दिया कि राज्य की सभी 332 पुलिस चौकी में एक जनवरी 2022 तक सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल कर दिए जाएंगे।
इस दौरान कोर्ट को बताया गया कि ज्यादातर मामलों में सरकार जवाब देते हुए सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मौजूद न होने की दलील देती है इसलिए कम से कम एक माह की फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश दिया जाए। हाईकोर्ट ने इस विषय पर अब दोनों राज्यों के डीजीपी को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही हाईकोर्ट ने दोनों डीजीपी को सीसीटीवी कैमरों के लिए कम से कम 3 घंटे का पावर बैकअप सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया है। अगली सुनवाई पर दोनों राज्यों को जानकारी देनी होगी कि सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए टैंडर की क्या स्थिति है।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दिया हवाला
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट अपने आदेश में पुलिस स्टेशनों के लिए सीसीटीवी कैमरों की कम से कम 18 माह की फुटेज को सुरक्षित रखने का आदेश जारी कर चुका है। हाईकोर्ट ने इसपर आदेश की प्रति को ऑन रिकार्ड लाने का आदेश दिया है। साथ ही हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि ऐसा है तो दोनों राज्यों को इस बात पर स्पष्टीकरण देना होगा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया है।
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