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जाम से राहत कब : 1100 पेड़ कटेंगे तो ही बनेगा 50 करोड़ का पुल

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पंचकूला। पंजाब स्टेट फारेस्ट डेवलपमेंट कारपोरेशन के अधिकारियों की लापरवाही के चलते सेक्टर-24 /26 के राउंड अबाउट से सेक्टर 20 /21 की विभाजित सड़क तक घग्गर नदी पर बनने वाले 50 करोड़ी पुल का काम अधर में लटक गया है। यह प्रोजेक्ट 8 फरवरी 2022 तक पूरा किया जाना था, लेकिन फारेस्ट लैंड की वजह से मामला फंस गया। बता दें कि 6 जनवरी को केंद्र सरकार ने 700 मीटर एरिया के करीब 1100 पेड़ काटने की मंजूरी दे दी थी, लेकिन दो माह बाद भी प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस रिपोर्ट जीरो है। अभी तीन दिन पहले विभाग की ओर से नगर परिषद जीरकपुर को पेड़ों को काटने के लिए नए सिरे से प्लान तैयार करने के लिए भेजा गया है। अगर काम की रफ्तार ऐसे ही रहा तो इस साल भी प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाएगा।
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360 मीटर और साढ़े पंद्रह मीटर चौड़ा बनेगा ब्रिज
एचएसवीपी की तरफ से घग्गर नदी पर ब्रिज की लंबाई 360 मीटर है। चौड़ाई साढ़े 15 मीटर है। वैसे तो ब्रिज की कुल चौड़ाई 16 मीटर है, लेकिन वाहनों के आने-जाने के लिए साढ़े पंद्रह मीटर चौड़ाई का ही उपयोग होगा। पैदल व साइकिल से ब्रिज पर से गुजरने के लिए दोनों तरफ एक से डेढ़ मीटर जगह रखा गया है।
4 से 7 किमी का सफर कम होगा
घग्गर नदी पर पुल का निर्माण होने से 4 से 7 किलोमीटर का सफर कम होगा। वैसे तो सेक्टर-24 से सेक्टर-28 और सेक्टर 20 के बीच की दूरी मात्र एक किलोमीटर से भी कम है, लेकिन रास्ते में घग्गर नदी पर पुल न होने के चलते सेक्टर-3/21 के पुल से गुजरना पड़ता है। ऐसे में सेक्टर-24 से सेक्टर 28 के निवासियों को चार से सात किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है, लेकिन जैसे ही सेक्टर-24/26 क़े राउंड अबाउट से सेक्टर-20/21 की विभाजित सड़क तक घग्गर नदी पर एक और पुल का निर्माण हो जाएगा तो फासला मात्र एक से तीन किलोमीटर के बीच रह जाएगा।
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मोहाली एयरपोर्ट और पीआर-7 से कनेक्ट होगा नया पुल
घग्गर नदी पर बनने वाला यह पुल पंजाब, हरियाणा, हिमाचल व चंडीगढ़ को कनेक्ट करने वाली रिंग रोड पीआर-7 का ही हिस्सा है। इस पुल का निर्माण कार्य पूरा होने पर घग्गर पार के हजारों निवासियों को जीरकपुर, राजपुरा, पटियाला, मोहाली एयरपोर्ट पहुंचने में बहुत आसानी होगी। वहीं पंचकूला-यमुनागर नेशनल हाईवे से भी पीआर-7 की कनेक्टिविटी हो जाएगी। कुल मिलाकर हिमाचल और यूपी से आने वाले वाहनों को भी काफी सुविधा होगी।
पेड़ काटने का एक प्रोसीजर होता है, उसे एडाप्ट करना होगा, तीन चार दिन पहले विभाग को नए सिरे से प्रस्ताव तैयार करने के लिए भेजा गया है। - परमजीत सिंह, जीएम पंजाब स्टेट फारेस्ट डेवलपमेंट कार्पोरेशन।
6 जनवरी को 700 मीटर एरिया के पेड़ काटने के लिए केंद्र सरकार की ओर से मंजूरी मिल गई थी। जैसे ही इसकी प्रक्रिया पंजाब स्टेट फारेस्ट डेवलपमेंट कार्पोरेशन की ओर से पूरी कर ली जाएगी आगे का प्रोजेक्ट से जुड़ा काम शुरू कर दिया जाएगा। - एनके पायल, एक्सईएन, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण पंचकूला।
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