जल संरक्षण और आजीविका सुधार अभियान से सैकड़ों किसान परिवारों को मिलेगा लाभ, भूजल स्तर सुधारने पर फोकस
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पंचकूला के बरवाला और मोरनी ब्लॉक के 9 गांवों में जल संरक्षण और किसानों की आजीविका सुधारने की दिशा में बड़ा अभियान शुरू किया गया है। नाबार्ड की ओर से वित्त पोषित टापरियां वाटरशेड विकास परियोजना के फुल इम्प्लीमेंटेशन फेज (एफपीआई) और क्लाइमेट प्रूफिंग इंटरवेंशन्स (सीपीआई) चरण का शुक्रवार को अमरावती एंक्लेव में शुभारंभ किया गया। परियोजना से क्षेत्र में जल सुरक्षा बढ़ाने, मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और भूजल स्तर को मजबूत करने पर काम किया जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नाबार्ड हरियाणा की मुख्य महाप्रबंधक निवेदिता तिवारी ने रिबन काटकर परियोजना की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को बढ़ावा देना और स्थानीय समुदायों की आजीविका को मजबूत करना है।
परियोजना के तहत करीब 1,349 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया जाएगा। इससे अमराला, टापरियां, तरलोकपुर, भूड़, भोज पोंटा, काजमपुर, कैमवाला, मानक टबरा और खैरवाली परवाला गांवों के सैकड़ों किसान परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
इस दौरान फतेहपुर दीवानवाला गांव में बनाए गए सब-सर्फेस डैम का भी उद्घाटन किया गया। अधिकारियों के अनुसार आरसीसी पाइपलाइन नेटवर्क से पानी की बर्बादी रुकेगी और किसानों को खेती व पशुपालन के लिए सालभर पानी उपलब्ध हो सकेगा। वहीं नारायणवाला गांव में भूजल पुनर्भरण तालाब परियोजना का कार्य भी पूरा हो चुका है, जिससे करीब 296 परिवारों और 1,347 ग्रामीणों को लाभ मिलना शुरू हो गया है।
समारोह में यह भी जानकारी दी गई कि मल्लाह और शिवालिक वाटरशेड परियोजनाओं का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। इनके तहत विभिन्न गांवों में तैयार संपत्तियां ग्राम वाटरशेड समितियों को सौंप दी गई हैं, ताकि ग्रामीण इनके रखरखाव और सतत उपयोग को सुनिश्चित कर सकें।
कार्यक्रम में नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारियों, पर्यावरण विशेषज्ञों, वाटरशेड समितियों के सदस्यों और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने भाग लिया।