पंचकूला। जिले में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बुखार, जुकाम और वायरल की शिकायत होने के बाद सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में लोगों ने टेस्टिंग बढ़ा दी है। कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों के बाद भी शहर के लोगों ने टीकाकरण में लापरवाही बरती है। इसी कारण अभी तक बूस्टर डोज लगने की रफ्तार धीमी बनी हुई है। जिले में बूस्टर डोज केवल 26508 लोगों ने लगवाई है।
पंचकूला जिले की कोरोना वैक्सीनेशन इंचार्ज डॉ. मीनू सासन ने बताया कि अब तक पंचकूला में पहली और दूसरी डोज के टारगेट पूरे कर दिए गए हैं। वहीं इसमें दूसरी डोज लोगों ने तीने माह की जगह छह से नौ माह में लगवाई है। इसी कारण अभी वह बूस्टर डोज के लिए योग्य नहीं है। इसी कारण अभी तक बूस्टर डोज हर वर्ग में देरी से लग रहा है। उन्होंने बताया कि कोरोना की बीमारी पर नियंत्रण पाने के लिए सभी सीएचसी और पीएचसी सेंटर में इसे शुरू कर दिया गया है। जो लोग पहली और दूसरी वैक्सीनेशन करवा चुके हैं, वे नौ माह बाद बूस्टर डोज ले सकते हैं। सभी लोगों को बूस्टर डोज लगवाना चाहिए। पंचकूला में कुल 4 लाख 44 हजार 675 लोगों को दोनों डोज लगाई है।
यह हैं बूस्टर डोज लगवाने के आंकड़े
आयु वर्ग बूस्टर डोज लगी
18 से 44 वर्ष --------- 244
45 से 59 वर्ष ---------813
60 वर्ष से अधिक --- 18729
फ्रंट लाइन वर्कर ---- 4271
हेल्थ वर्कर ------ 2451
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कोट ---
कोरोना से बचाव के लिए पहली और दूसरी डोज के तय मानक से ज्यादा टीके लगाए गए हैं। लोगों ने कोरोना से बचाव की दूसरी डोज देरी से लगवाई है। इसी कारण अभी तक बूस्टर डोज का वैक्सीनेशन धीमा है। जल्द ही इसे तेजी से पूरा किया जाएगा। - सुबीर सक्सेना, पीएमओ, पंचकूला, सिविल अस्पताल सेक्टर-6