वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल को यूनियन नेता गुरसेवक सिंह का तबादला करवाना भारी पड़ गया। हाईकोर्ट के सख्त रवैए के चलते मनप्रीत बादल की सिफारिश किए गए तबादले का आदेश सरकार ने शुक्रवार को वापस ले लिया। हाईकोर्ट में दी गई इस जानकारी के बाद याचिका का निपटारा कर दिया। सुनवाई के दौरान पंजाब के एडवोकेट जनरल डीएस पटवालिया ने हाईकोर्ट को बताया कि बठिंडा थर्मल प्लांट की यूनियन नेता का तबादला आदेश सरकार ने वापस ले लिया है।
गुरसेवक सिंह ने इस पूरे मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि सरकार ने बठिंडा के थर्मल प्लांट को बंद करने का फैसला लिया था। उनकी यूनियन के लोग लगातार इसका विरोध कर रहे थे। इस विरोध से तंग आकर वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने पीएसपीसीएल के सीएमडी को 26 अक्तूबर को पत्र लिख गुरसेवक सिंह का बठिंडा से बाहर ट्रांसफर करने को कहा था। इसके बाद गुरसेवक सिंह का 3 नवंबर को बठिंडा से रोपड़ ट्रांसफर कर दिया गया। अपने तबादले के आदेश को गुरसेवक सिंह ने एडवोकेट लवनीत ठाकुर के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दे दी।
याचिका में कहा गया कि वित्त मंत्री का पीएसपीसीएल से कोई लेना देना नहीं है, ऐसे में वह कैसे याची के तबादले के लिए पत्र लिख सकते हैं। साथ ही बताया कि याची अप्रैल 2022 में रिटायर होने जा रहा है और नियम के अनुसार रिटायरमेंट में एक साल से कम का समय रहने पर तबादला नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने याचिका पर जवाब मांगा तो एजी डीएस पटवालिया पेश हुए और बताया कि गुरसेवक सिंह के ट्रांसफर का आदेश वापस ले लिया गया है।