अमृतसर। पाकिस्तान जेल से रिहाई के बाद सोमवार शाम दो भारतीयों को अटारी सीमा पर पाक रेंजर्स ने बीएसएफ के अधिकारियों के हवाले कर दिया। यहां इन दोनों का मेडिकल करवाया गया। इसमें से एक प्रहलाद सिंह 23 वर्ष पहले 32 वर्ष की आयु में गलती से पाकिस्तानी सीमा में पहुंच गया था। दूसरा भारतीय राम बहादुर निवासी बांदा है। जो कि कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं था।
प्रहलाद सिंह को अटारी बार्डर पर लेने के लिए उनके भाई वीर सिंह यहां पहुंचे थे। वह मध्य प्रदेश पुलिस के साथ आए थे। वीर सिंह ने बताया कि अक्सर प्रहलाद सिंह बिना बताए घर से चला जाता था। वर्ष 1998 में भी वह इसी तरह घर से गायब हो गया था। वर्ष 2014 को पुलिस को जानकारी मिली कि वह पाकिस्तानी जेल में बंद है। पुलिस ने यह जानकारी परिजनों को दी थी। इसके बाद उन्होंने प्रहलाद की रिहाई के लिए भारत सरकार से गुहार लगाई। जिस पर एक्शन हुआ और उनको रिहा कर दिया गया।
दोपहर को पाक रेंजर्स ने भारत-पाक सीमा अटारी जीरो लाइन पर इन दोनों को बीएसएफ के हवाले किया। वीर सिंह पुलिस के साथ अपने भाई प्रहलाद सिंह का मेडिकल करवाने के बाद अपने राज्य को रवाना हो गए। दूसरे भारतीय की पहचान राम बहादुर पुत्र भील वंकर के रूप में की गई। वह यहां पर कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं था। ज्वाइंट चेक पोस्ट अटारी पर तैनात पंजाब पुलिस के प्रोटोकाल अधिकारी अरुणपाल ने बताया कि डिप्टी कमिश्नर गुरप्रीत सिंह खैहरा के आदेश के अनुसार राम बहादुर को रेड क्रास में रखे जाने के लिए नायब तहसीलदार जगसीर सिंह के हवाले किया गया है। उन्होंने बताया कि पहले उसका गुरुनानक देव अस्पताल में इलाज करवाया जाएगा। इसके बाद उनको परिजनों के साथ संपर्क करके उनके घर भेज दिया जाएगा।