कालका। कालका, पिंजौर और क्षेत्र के ट्रांसपोर्टर्स के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को ओमप्रकाश के नेतृत्व में पूर्व चेयरमैन एवं शिवालिक विकास मंच के प्रधान विजय बंसल एडवोकेट को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में शामिल राजेश, बलबीर, संदीप और जरनैल ने मांग की है कि आरटीए पंचकूला द्वारा क्षेत्र के ट्रांसपोर्टर्स के पुराने वाहनों की फिटनेस रिन्यू नहीं करने के कारण परेशानी हो रही है।
ट्रांसपोर्टर्स ने विजय बंसल को बताया कि 2015 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा दिल्ली एनसीआर (राष्ट्रीय कैपिटल रीजन) में 10 वर्ष से पुराने डीजल और 15 वर्ष से पुराने पेट्रोल वाहनों के चलने पर प्रतिबंध लगाया गया है। दिल्ली एनसीआर से बाहर ऐसे वाहनों के चलने पर कोई रोक नहीं है। आरटीए पंचकूला क्षेत्र के ट्रांसपोर्टर्स को इन आदेशों का हवाला देकर पुराने वाहनों की फिटनेस रिन्यू नही कर रहे हैं, जबकि वाहन मालिक रिन्यूवल फीस, टैक्स, वाहन की इंस्पेक्शन करवाकर दिल्ली एनसीआर में अपने वाहनों को ना लेकर जाने का हलफनामा भी देने को तैयार हैं।
इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट विभाग और हरियाणा सरकार के आदेशों की पालना कर तमाम हिदायतों को भी बरत रहे हैं। इसके बावजूद आरटीए पंचकूला उनके पुराने वाहनों की फिटनेस रिन्यू नहीं कर रहे, जिससे ट्रांसपोर्टर्स को प्रतिदिन आर्थिक नुकसान झेलना पढ़ रहा है। विजय बंसल ने बताया कि उन्होंने समस्या के समाधान के लिए परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा और ट्रांसपोर्ट कमिश्नर हरियाणा को पत्र भेजकर मांग की है कि बिना किसी विलंब के आरटीए पंचकूला को निर्देश दिए जाएं कि 10 वर्ष से पुराने डीजल और 15 वर्ष से पुराने पेट्रोल वाहनों की फिटनेस रिन्यू की जाए।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार पुराने वाहनों को सिर्फ एनसीआर में न चलने के बारे कहा गया है जबकि आरटीए पंचकूला तो हरियाणा का हिस्सा है जोकि एनसीआर से 300 किमी दूर है। इस मामले में विजय बंसल ने कहा कि पहले ही कोविड के भयावह परिणाम का असर ट्रांसपोर्टर्स के व्यवसाय पर पड़ है तो वहीं इस इलाके में रोजगार के साधनों का अभाव है। यह इलाका अर्ध पहाड़ी पिछड़ा क्षेत्र है, ट्रांसपोर्टर्स को बिना किसी कारण के तंग किया जाना बेहद निराशाजनक है। यदि समय रहते ट्रांसपोर्टर्स की मांग को पूरा नहीं किया गया तो वह माननीय उच्च न्यायालय की शरण लेंगे।