नियमित भर्ती, कच्चे कर्मचारियों के नियमितीकरण और निजीकरण पर रोक की मांग पंचकूला में विशाल धरना
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। लंबित मांगों और निजीकरण के विरोध में हरियाणा टूरिज्म कर्मचारी संघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को पंचकूला स्थित रेड बिशप पर्यटन केंद्र में आयोजित विशाल धरने में कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 9 अगस्त को पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा के गोहाना स्थित आवास का महाघेराव किया जाएगा।
हरियाणा टूरिज्म कर्मचारी संघ (संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा) के बैनर तले आयोजित धरने की अध्यक्षता राज्य प्रधान कश्मीर सिंह ने की, जबकि संचालन संगठन सचिव लच्छी राम ने किया। प्रदर्शन में होडल, हिसार, रोहतक, जींद, फरीदाबाद, पिंजौर, टिक्कर ताल, पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, पानीपत, सोनीपत, दमदमा और गुरुग्राम समेत प्रदेशभर के पर्यटन केंद्रों से कर्मचारी शामिल हुए।
नियमित भर्ती नहीं होने से व्यवस्था प्रभावित : कर्मचारी
धरने को संबोधित करते हुए राज्य प्रधान कश्मीर सिंह, महासचिव सुभाष देसवाल, वरिष्ठ उपप्रधान सुरेश नोहरा, कैशियर सुरेश पूनिया और मुख्य सलाहकार मित्रपाल राणा ने आरोप लगाया कि पिछले 20 से 25 वर्षों से पर्यटन निगम में नियमित भर्ती नहीं की गई है। इससे पर्यटन केंद्रों का संचालन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार निगम को मजबूत करने के बजाय निजीकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसका कर्मचारी विरोध करेंगे।
नेताओं ने कहा कि वर्षों से सेवाएं दे रहे कच्चे कर्मचारियों को अब तक नियमित नहीं किया गया है, जबकि न्यायालय भी लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों के नियमितीकरण के पक्ष में निर्देश दे चुका है।
कई मांगों को लेकर जताया रोष
धरने के दौरान कर्मचारियों ने पर्यटन निगम की संपत्तियों के निजीकरण पर रोक लगाने, नियमित भर्ती शुरू करने, पदोन्नति प्रक्रिया लागू करने, चौथे दर्जे के कर्मचारियों के सेवा नियम बनाने, पुनर्नियुक्ति की पारदर्शी नीति लागू करने, वेतन का केंद्रीकरण, वर्ष 2024-27 की एलटीसी जारी करने, ईपीएफ-ईपीएस में भेदभाव समाप्त करने, एचकेआरएनएल कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा और नियमितीकरण का लाभ देने, वर्दी भत्ता बढ़ाने तथा फरीदाबाद जोन में कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। धरने के दौरान कर्मचारियों ने सरकार और पर्यटन निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया।