मोरनी। मोरनी में खिलाड़ियों के खेलने के लिए खेल मैदान न होना अभिशाप बना हुआ है। यहां पर खिलाड़ियों को छोटे-छोटे सीढ़ीनुमा खेतों में और सड़कों के किनारे ही अभ्यास कर खेल प्रतियोगिताओं की तैयारी करनी पड़ती हैं। इस कारण खिलाड़ी बड़ी मुश्किल से जिला और राज्य स्तर तक ही पहुंच पाते हैं। नेशनलए के लिए बिना खेल मैदान पहुंचना आज भी इलाके के खिलाड़ियों के लिए किसी सपने से कम नहीं है।
एक तरफ हरियाण सरकार खेलों में जीतने वाले खिलाड़ियों को करोड़ों रुपये देने की घोषणा के साथ हरियाणा राज्य में खेलों को बढ़ावा देने की दावे करती है। दूसरी और इलाके में न तो खेल सुविधाएं और न ही खेलने के लिए मैदान। इलाके में सरकार के इस दावों की हवा निकलती दिखाई दे रही है। इलाके के युवा खिलाड़ी हर चुनावों में उम्मीदवारों के समक्ष अपनी इस मांग को रखते हैं। उन्हें आश्वासन तो मिलता है पर खेल स्टेडियम की मांग आज भी अधूरी पड़ी है। इस असुविधा के कारण कई प्रतिभावान खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को दबाकर रह जाते है।
युवा खिलाड़ियों का कहना है कि वैसे तो सरकार अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के खेलों में पहला स्थान पाने वाले खिलाड़ियों को करोड़ों का इनाम देकर सम्मानित करती है, लेकिन यहां पर उनकी मांग को लगातार अनदेखा किया जा रहा है। क्षेत्र से राज्य स्तर पर खेल चुके खिलाड़ियों का भी मानना है की अगर मोरनी में युवाओं के खेलने के लिए खेल स्टेडियम हो तो मोरनी से भी युवा खिलाड़ी कई खेलों में अपना नाम रोशन कर सकते हैं।
युवाओं की मांग पर ध्यान दे सरकार
इलाके के युवाओं में काफी काफी प्रतिभा है, लेकिन यहां पर खेल सुविधाएं और खेल स्टेडियम न होना अभिशाप बना हुआ है। खेल से जुड़ी सुविधाएं नहीं होने के चलते प्रतिभावान खिलाड़ी जिला लेवल और कुछ खिलाड़ी राज्य स्तर तक ही पहुंच पाते हैं। सरकार युवाओं की मांग पर ध्यान दे। -ललित शर्मा, टिक्कर ताल
छोटे-छोटे टूर्नामेंट करवाते हैं खिलाड़ी
खिलाड़ी यहां पर अपने खेल को जीवन का हिस्सा बनाकर छोटे-छोटे टूर्नामेंट करवाते हैं। क्रिकेट, वालीबॉल और कबड्डी जैसे टूर्नामेंट का आयोजन विभिन्न स्थानों पर लगने वाले मेलों में भी किया जाता है। इलाके के युवा नशे की लत से दूर हैं। इसलिए सरकार व्यवस्था करवाए और सुविधा प्रदान करे। -गोमत शर्मा, युवा खिलाड़ी
खेतों में ही करनी पड़ती है तैयारी
इलाके के खिलाड़ियों को अपने छोटे-छोटे सीढ़ीनुमा खेतों में ही अभ्यास करके खेल प्रतियोगिताओं की तैयारी करनी पड़ती हैं। बिन सुविधाओं के कई खेलों की तैयारियां सड़कों के किनारों पर ही करनी पड़ती है। इससे हादसों की संभावना ज्यादा रहती है। सरकार युवाओं का हक न मारे और जल्द समाधान करवाए। रितिका परमार, युवा खिलाड़ी
जल्द मैदान उपलब्ध करवाए सरकार
कुछ साल पहले तक खिलाड़ियों के खेलने की एक मात्र जगह शेरला ताल थी। वहां पर भी वन विभाग के कर्मचारियों ने ताल से गाद् निकालने के नाम पर पूरे ग्राउंड की खुदाई कर दी। न सालभर पानी रहता है और न ही उसमें अब खिलाड़ी खेल पाते हैं। सरकार कदम उठाए और खेल मैदान उपलब्ध करवाए। -नवीन सिंह