फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईकोर्ट ने कहा, माननीयों पर लंबित मामलों के निपटारे की मंशा तो है लेकिन प्रयास नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। वर्तमान व पूर्व सांसदों और विधायकों पर लंबित आपराधिक मामलों का जल्द निपटारा करने को लेकर दाखिल हरियाणा और पंजाब की रिपोर्ट पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने असंतुष्टि जताई है। हाईकोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट देखकर ऐसा लगता है कि आदेश का पालन करने की सरकार की मंशा जरूर है, लेकिन उस तरह से अंजाम नहीं दिया जा रहा है। दोनों राज्य तेजी से मामलों को निपटाएं और 28 मार्च क ोइसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
विज्ञापन

सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने बताया कि पूर्व व मौजूदा सांसदों और विधायकों के खिलाफ केवल 7 एफआईआर में जांच जारी है। बाकी मामलों में चालान पेश किया जा चुका है। पिछले साल नवंबर तक 29 एफआईआर में जांच जारी थी। अब बिक्रम सिंह मजीठिया सहित ऐसी 7 एफआईआर हैं, जिनमें जांच जारी है। पंजाब सरकार ने 20 दिसंबर को मजीठिया के खिलाफ मोहाली में दर्ज एनडीपीएस के मामले की भी जानकारी दी। राज्य सरकार ने बताया कि मजीठिया के अलावा पूर्व विधायक अनिल जोशी के खिलाफ दो, पूर्व विधायक मलकीत सिंह के खिलाफ एक, एक एफआईआर में विधायक पवन कुमार टीनू, विधायक गुरप्रताप सिंह वडाला, बलदेव सिंह खेहरा और पूर्व विधायक अजित सिंह आरोपी हैं। एक एफआईआर में सिमरजीत बैंस और बलविंदर सिंह आरोपी हैं। एक केस में विरसा सिंह वल्टोहा आरोपी हैं।
हरियाणा में अब केवल 13 मामलों की जांच जारी
हरियाणा सरकार ने बताया जहां नवंबर में 17 मामलों की जांच जारी थी। अब केवल 13 मामलों में जांच जारी है। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि सरकार द्वारा इन मामलों का तेजी से निपटारा करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें