चंडीगढ़। हरियाणा में क्लर्क भर्ती 2019 में बड़ा फर्जीवाड़ा होने की आशंका है। दोबारा से दस्तावेज जांच के दौरान हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने दस फर्जी अभ्यर्थियों को पकड़ा है। गंभीर बात ये है कि कुल 24097 अभ्यर्थियों को दस्तावेज जांच के लिए बुलाया गया था, लेकिन 13168 अभ्यर्थी ही जांच कराने के लिए एचएसएससी के पास आए। शेष 10929 अभ्यर्थी पकड़े जाने के भय से जांच कराने के लिए ही नहीं पहुंचे। इतनी अधिक संख्या में अभ्यर्थियों के जांच से दूरी बनाए जाने से शक और गहरा गया है। ऐसे में पहले से ही चयनित कई अभ्यर्थियों की नौकरी जाना तय हो गया है।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने क्लर्क भर्ती 2019 के लिए दोबारा से जांच के लिए 21 मई से 6 जून तक का शेड्यूल जारी किया था। रोजाना 1500 अभ्यर्थियों को जांच के लिए बुलाया गया, लेकिन औसतन आधे अभ्यर्थी ही पहुंचे। अलग अलग दिनों में बायोमीट्रिक निशान लिए जाने के दौरान दस फर्जी अभ्यर्थी भी काबू किए गए। इनको लेकर आयोग हरियाणा पुलिस को शिकायत देगा। इसके अलावा, आयोग अब अभ्यर्थियों को दस्तावेज जांच के लिए कोई नया मौका नहीं देगा। जिन अभ्यर्थियों ने दस्तावेज जांच कराए हैं, इसी आधार पर आयोग जल्द ही संशोधित परिणाम जारी करेगा। जिन अभ्यर्थियों ने जांच में हिस्सा नहीं लिया, चाहे वह चयनित होकर नौकरी भी कर रहा हो, उसकी नौकरी जाना तय है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी ने बताया कि आयोग जल्द ही संशोधित परिणाम जारी करेगा। किसी भी सूरत में फर्जीवाड़ा बर्दास्त नहीं किया जाएगा। फर्जी तरीके से अंक लेकर या किसी और से परीक्षा दिलाकर नौकरी लगने वालों की नौकरी जाना तय है। क्योंकि आयोग बार बार बायोमीट्रिक निशान लेेगा।
आर्थिक सामाजिक आधार के अंकों में हुआ खेल
अब आशंका और बढ़ गई है कि इस भर्ती में आर्थिक सामाजिक आधार के अंक गलत तरीके से लिए और दिए गए हैं। कुछ अभ्यर्थियों ने आयोग को शिकायत की थी कि उन अभ्यर्थियों को भी आर्थिक सामाजिक आधार के अंक दे दिए गए, जिन्होंने इसके लिए दावा ही नहीं किया था। साथ ही चयनित अभ्यर्थियों में कई ऐसे हैं, जिनके घर पर पहले से ही नौकरी लगी है। आयोग को शक है कि इस गड़बड़ी के पकड़े जाने के डर के कारण ही करीब आधे अभ्यर्थियों ने जांच से दूरी बनाई है।