पूर्व सैनिकों को फिर रोजगार से जोड़ने के लिए तय समय में होने वाले रोजगार परक प्रशिक्षणों के जरिए प्रशिक्षित करने जा रही है। उपमुख्यमंत्री ओपी सोनी ने विभागीय अधिकारियों को इस कार्य के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश जारी किए हैं। रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान उपमुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिकों के लिए और भी योजनाएं बनाने के लिए अधिकारियों को कहा।
रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग के कामकाज की समीक्षा करते हुए सोनी ने कहा कि पूर्व सैनिकों ने हमारी सरहदों और देश की प्रभुसत्ता की रक्षा के लिए अपने जीवन के सुनहरे दिन दांव पर लगाए हैं। हम उनके लिए कम से कम इतना तो कर सकते हैं कि उनके परिवारों का ख्याल रखें और उनकी आयु और योग्यता अनुसार नौकरियां प्राप्त करने में उनकी मदद करें। उन्होंने विभाग को पूर्व सैनिकों के लिए तुरंत नई कल्याण स्कीमों लेकर आने के निर्देश दिए।
उन्होंने सीएमडी पैसको को अधिक से अधिक संख्या में पूर्व सैनिकों को भर्ती करने और फिर रोजगार प्राप्ति में उनकी मदद करने के लिए उनको मानक प्रशिक्षण देने के लिए कहा है। उन्होंने पैसको को सैनिक सुरक्षा प्रशिक्षण संस्था, मोहाली की कार्यकुशलता को बढ़ाने और पूर्व सैनिकों को सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कहा। बैठक में विशेष सचिव रक्षा सेवाएं कल्याण मोहनीश कुमार, डायरेक्टर रक्षा सेवाएं कल्याण ब्रिगेडियर सतींद्र सिंह मेजर जनरल एपी सिंह, ब्रिगेडियर आईएस गाखल मौजूद थे।
पंजाब में 14 लाख पूर्व सैनिक
राज्य में लगभग 14 लाख पूर्व सैनिक और उनके आश्रित हैं, जिनमें लगभग 3.40 लाख पूर्व सैनिक और लगभग 10.50 लाख उनके वारिस और आश्रित हैं। मौजूदा समय पैसको में लगभग 10000 पूर्व सैनिक हैं, जो अलग-अलग विभागों में नियुक्त हैं, अधिकांश सुरक्षा ड्यूटियों में तैनात हैं।
अभी ये मिल रहा प्रशिक्षण
बेसिक कंप्यूटर स्किल्स, फायर और इंडस्ट्रियल सेफ्टी, रेफ्रिजरेशन और एयर - कंडीशनिंग, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रानिक टेक्नीशियन और जेसीबी के अलावा फौज, जल सेना और हवाई सेना में सेवा निभा रहे सैनिकों के लिए डायरेक्टोरेट जनरल आफ रीसेटलमेंट (एमओडी) के कोर्स शामिल हैं।