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2.09 करोड़ की योजना खाने लगी जंग, साइकिलों की सवारी भी होने लगी कम

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पंचकूला। नगर निगम की 2.09 करोड़ रुपये की पब्लिक साइकिल शेयरिंग योजना समय से पहले ही दम तोड़ने लगी है। वर्तमान में किसी की ब्रेक तो किसी की सीट खराब है। ग्रीसिंग और मरम्मत नहीं होेने के कारण साइकिलें आवाज करने लगी हैं। अकसर सवारी करने वाले लोग रास्ते में अचानक खराब हुई साइकिल को दोपहिया या अन्य साधनों से आसपास मौजूद स्टैंडों तक ले जाने को मजबूर होते हैं। इसका खुलासा अमर उजाला के रियरिटी चेक में हुआ है।
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शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने और स्वच्छ वातावरण में योगदान देने के उद्देश्य से नगर निगम ने 2019 में पब्लिक साइकिल शेयरिंग योजना शहरी क्षेत्र में शुरू की थी। खास बात तो यह है कि जब योजना की शुरुआत शहर में हुई तो साइकिलिंग को लेकर युवाओं और बच्चों में काफी क्रेज था। नगर निगम की लापरवाही के कारण विभिन्न स्टैंडों पर खड़ी सैकड़ों साइकिलें आज खराब हो रही हैं।
जंग खाने लगीं 2.09 करोड़ रुपये की पब्लिक साइकिल शेयरिंग योजना
शहरी क्षेत्र में बनाए साइकिल स्टेशनों से सोच समझकर ही साइकिल उठाएं। ये बीच रास्ते में जवाब दे सकती हैं। आपको साइकिल स्टेशन तक साइकिल को स्कूटर या फिर ऑटो के सहारे पहुंचाना पड़ेगा। ये सच्चाई हम नहीं तस्वीरें बयान कर रही हैं। बता दें कि पंचकूला नगर निगम ने शहर के विभिन्न सेक्टरों में पब्लिक साइकिल शेयरिंग योजना के लिए 20 स्टेशन बनाए हैं। जहां करीब 2.09 करोड़ रुपये में 200 साइकिलें खरीदकर रखे गए थे, लेकिन महज दो साल में सभी स्टेशनों की साइकिलें रखरखाव के अभाव में खराब होने लगी हैं। कई स्टेशन पर महज एक से दो साइकिलें दिखती हैं।
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मरम्मत सेंटर में बारिश और धूप झेल रहीं साइकिलें
सेक्टर-12 के कम्युनिटी सेंटर में करीब 60 साइकिलें खुले आसमान के नीचे धूप और बारिश झेल रही हैं। नगर निगम के अधिकारियों का दावा है कि जो साइकिलें खराब होती हैं, उसकी रिपेयरिंग के लिए स्थानीय कम्युनिटी सेंटर में भेज दिया जाता है, यहां निजी कंपनी के मुलाजिम साइकिलों की रिपेयरिंग करते हैं, लेकिन यहां खुले आसमान के नीचे पड़े साइकिलों की हालत देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि यहां साइकिलों का रिपेयरिंग होती है।
यह है योजना
इस प्रोजेक्ट के तहत लोगों को 30 मिनट की 50 राइड्स 30 दिन के लिए 100 रुपये में देने की योजना है। 180 राइड्स 90 दिन के लिए 250 रुपये में है। इसके लिए 20 स्टेशन बनाए गए हैं। योजना के तहत 200 साइकिलों से प्रोजेक्ट की शुरुआत गई थी, जिसे डिमांड को देखते हुए साइकिलों की संख्या में इजाफा को लेकर विचार किया जाना था। इसे रेजिडेंट्स किसी काम या घूमने के लिए आए लोग स्टेशनों से साइकिल किराए पर ले सकते हैं। लोग 500 रुपये में 30 मिनट की राइड्स 180 दिन के लिए ले सकेंगे।
इन साइकिल स्टैंडों पर ध्यान देने की जरूरत
- सेक्टर-5 परेड ग्राउंड के सामने बने साइकिल स्टैंड
- सेक्टर-5 यवनिका पार्क के सामने
- सेक्टर-12 ट्रैफिक पार्क की पार्किंग में
- सेक्टर-15 चौक स्थित साइकिल स्टैंड
- सेक्टर-10 चौक साइकिल स्टैंड
- सेक्टर-14 गर्ल्स कॉलेज के बाहर स्थित साइकिल स्टैंड
- सेक्टर-04 स्थित साइकिल स्टैंड
- सेक्टर-6/8 चौक साइकिल स्टैंड
- सेक्टर-1 माजरी चौक साइकिल स्टैंड
साइकिलों की रिपेयरिंग की जिम्मेदारी एक एजेंसी को दी गई। अगर साइकिल खराब हालत में पड़ी हैं, तो उन्हें चेक करवाया जाएगा। - सुमित मलिक एक्सईएन, नगर निगम पंचकूला।
सेक्टर-12 के कम्युनिटी सेंटर में साइकिलों की रिपेयरिंग के लिए वर्कशॉप बनाया गया है। खराब साइकिलों की रिपेयरिंग की जिम्मेदारी एक एजेंसी को दी गई है। उनके पास एक्सेस साइकिलें हैं, फिर भी साइकिल स्टैंडों में खराब पड़ी हैं, तो चेक करवाकर उन्हें तत्काल रिपेयर करवाया जाएगा। - हरिंदर सेठ्ठी एसडीओ, नगर निगम पंचकूला।
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