चंडीगढ़। पंजाब की सरकारी बसों में जरनैल सिंह भिंडरांवाले और जगतार सिंह हवारा के फोटो लगाए जाने का मामला गरमाने लगा है। मंगलवार शाम को इस मामले में राज्य सरकार के एक नए आदेश की खबर आने के बाद पटियाला, जालंधर समेत कई जगह भिंडरांवाला समर्थक बस अड्डों पर पहुंच गए और उन्होंने बसों में पोस्टर लगाने का प्रयास किया, जिसे लेकर उनकी पुलिस से झड़प भी हुई। यह मामला उस समय और गरमा गया, जब एसजीपीसी ने पोस्टर न लगाने के फैसले पर कड़ा ऐतराज जताया।
मंगलवार दोपहर यह खबर सामने आई कि राज्य सरकार ने पीआरटीसी को पत्र जारी कर भिंडरांवाले और हवारा समेत किसी भी धर्म से संबंधित व्यक्ति की फोटो, स्लोगन या विज्ञापन आदि बसों में लगाने पर रोक लगा दी है और इसके लिए पहले से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। हालांकि सरकार की ओर से फैसले की देर रात तक पुष्टि नहीं की गई। इससे पहले सरकार ने पंजाब रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) और पेप्सू की कुछ बसों पर लगी जरनैल सिंह भिंडरांवाला व अन्य समर्थकों के फोटो न हटाने का फैसला लिया था। लेकिन लुधियाना के एक व्यक्ति की ओर से भेजी गई शिकायत को पीआरटीसी ने मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया, जिसके तहत सरकार ने फैसला लिया कि किसी भी धर्म, नेता का फोटो बसों में नहीं लगाया जाएगा। सरकार के इस फैसले को लेकर सिख संगठनों में रोष पैदा हो गया है।
वापस लिया था पहला आदेश
पंजाब रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) और पेप्सू की कुछ बसों के ड्राइवरों व कंडक्टरों ने जरनैल सिंह भिंडरांवाला और अन्य समर्थकों की तस्वीरें बसों में लगाई थीं। इस पर पंजाब पुलिस ने ऐतराज जताया और बसों से फोटो हटाने के आदेश जारी कर दिए। इन आदेशों के आधार पर ही पेप्सू ने भी लेटर जारी कर इन्हें हटाने के लिए कह दिया था। फोटो हटाने का आदेश एडीजीपी (लॉ एंड आर्डर) की ओर से जारी किया गया था, जिसके तहत प्रदेश के कमिश्नरों व जिला प्रमुखों को विभिन्न बसों के नंबरों का हवाला देते हुए बताया गया कि बरनाला, बठिंडा व संगरूर डिपो की पीआरटीसी व पेप्सू की कुछ बसों में जरनैल सिंह भिंडरांवाला, जगतार सिंह हवारा की तस्वीरों के अलावा कुछ भड़काऊ शब्दावली भी लिखी गई है। एडीजीपी ने जल्द सार्वजनिक व सरकारी बसों से इन तस्वीरों व स्लोगन को हटाने के आदेश दिए थे।