चंडीगढ़। पंजाब सरकार की फरिश्ते योजना को जहां आम लोगों ने पसंद किया है, वहीं प्रदेश के निजी अस्पताल भी इस योजना का हिस्सा बनने लगे हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के इस योजना का हिस्सा बनने के बाद पंजाब में अब तक 384 अस्पतालों ने सेहत विभाग के पास इस योजना के तहत अपना पंजीकरण करा लिया है। इनमें 238 निजी अस्पताल हैं।
राज्य सरकार ने उक्त योजना में शामिल होने वाले अस्पतालों को सड़क हादसों में घायल लोगों का त्वरित इलाज करने के एवज में, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा निर्धारित एचबीपी 2.2 पैकेज दरों के अनुसार भुगतान करने का एलान किया है। सेहत विभाग ने राज्य के सभी अस्पतालों से उक्त योजना के तहत पंजीकरण कराने के लिए क्षेत्र के सिविल सर्जन से संपर्क करने को कहा है। सेहत विभाग ने सड़क हादसों में घायल व्यक्ति के इलाज के लिए 52 पैकेज निर्धारित किए हैं, जिनके तहत इलाज पर संबंधित अस्पताल को सेहत विभाग के मार्फत राज्य सरकार द्वारा भुगतान किया जाएगा।
गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा इस आधार पर फरिश्ते योजना तैयार की गई है कि किसी भी सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को अगर अगले एक घंटे में इलाज मिल जाए तो उसका जीवन बचने की संभावनाएं प्रबल रहती हैं। सरकार ने इस योजना के अंतर्गत आम लोगों को घायलों की मदद के लिए आगे आने को प्रेरित किया है। अगर कोई व्यक्ति सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को तुरंत करीबी अस्पताल में पहुंचाता है तो उससे तब तक कोई पूछताछ नहीं की जाएगी, जब तक कि वह स्वयं घटना का गवाह न बनना चाहिए। ऐसे व्यक्ति से पुलिस भी बिना उसकी अनुमति के पूछताछ नहीं कर सकेगी। इसके अलावा ऐसे मददगार व्यक्ति को राज्य सरकार की तरफ से 2000 रुपये पुरस्कार स्वरूप भी दिए जाएंगे। वहीं, घायल व्यक्ति का इलाज संबंधित अस्पताल मुफ्त में करेगा और इसके लिए सारा भुगतान सरकार अस्पताल को देगी।