पंचकूला। पिछले दिनों हुई बारिश ने शहर की सड़कों की सूरत बिगाड़ दी है। मुख्य मार्गों में कहीं जलभराव की स्थिति है, तो कहीं गड्ढे ही गड्ढे नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि चार साल से शहर की सड़कों की रिकारपेटिंग नहीं हुई है, इस कारण बारिश की वजह से खराब हुई सड़कों पर लोगों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है, लेकिन नगर निगम में अभी टेंडर-टेंडर का खेल चल रहा है। जब भी अधिकारियों से इस बारे में चर्चा की जाती है तो जवाब मिलता है कि टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
यहां का निकला पैचवर्क
- औद्योगिक क्षेत्र फेज दो
- सेक्टर-7 और 10 के स्लिप रोड का पैचवर्क निकला
- सेक्टर-20 के जीएच-41, 42, 43 के सामने का पैचवर्क निकला
- सेक्टर-7 और 18 की तरफ से सेक्टर-18 वाली साइड की कई जगह पैचवर्क उखड़ गया है
यहां की टूटी सड़कें
- सेक्टर-16 मार्केट की सड़कें टूटी
- सेक्टर-15 मंडी के स्लिप रोड की सड़क टूटी
- औद्योगिक क्षेत्र फेज वन मीट मार्केट वाली रोड टूटी
- अमरटैक्स से सेक्टर-19 को जाने वाली सड़क की स्लिप रोड टूटी
- सेक्टर-20 में 64 से 85 तक सड़कें बेहाल
- सेक्टर-16 डिस्पेंसरी के सामने रोड गली टूटी, यहां एक्सीडेंट का खतरा
- सेक्टर-21 स्थित मार्केट की पार्किंग की सड़क टूटी
- सिंहद्वार से कमांड अस्पताल वाली सड़क बेहाल
पैचवर्क के नाम पर लीपापोती
सेक्टर में सोसाइटी नंबर-64 से 85 तक सड़क पूरी तरह से टूटी हुई है। करीब चार साल से सेक्टर की सड़कों की रिकारपेटिंग नहीं हुई है। इस तरफ नगर निगम का ध्यान नहीं है। अभी बारिश से पहले निगम ने जीएच-41, 42 व 43 के सामने पैचवर्क कराया था, वह भी बारिश के पानी में धुल गया है। स्थानीय लोग शिकायत करके थक चुके हैं। -योगेंद्र क्वात्रा, सेक्टर-20 निवासी
बारिश के पानी में बह गया पैचवर्क
सड़कों की रिकारपेटिंग तो दूर पैचवर्क भी नगर निगम सही तरीके से नहीं करवाया पाया है। नतीजा बारिश के पानी के साथ पैचवर्क वाले गड्ढे फिर नजर आने लगे हैं। इसके चलते लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि लाखों रुपये टैक्स देने के बाद भी औद्योगिक क्षेत्र फेस दो की सड़कें बदहाल हैं। यहां करीब चार साल पहले सड़कों की रिकारपेटिंग हुई थीं। - राकेश गर्ग, उद्यमी
औद्योगिक क्षेत्र में आरसीसी रोड कारगर
औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 में ड्रेनेज और सड़कें दोनों बदहाल हैं। यहां सिर्फ आरसीसी रोड कारगर है। यहां से हैवी वाहनों का आना-जाना होता है, इसलिए यहां की सड़क आरसीसी होनी चाहिए। ट्रायल के रूप में एक जगह आरसीसी सड़क बनाई गई थी, लेकिन पूरे औद्योगिक क्षेत्र में उस पर काम नहीं हुआ। इसके चलते सड़कें बदहाल पड़ी हैैं। आरसीसी की लागत भी कम है। एक बार बन गई तो 15-20 साल तक समस्या से निजात मिल जाएगी। - विष्णु गोयल, उद्यमी
सेक्टर-15 में सेक्टर-14 से प्रवेश करते समय 1375 से 1386 के बीच की सड़क टूटी हुई है। यहां रिकारपेटिंग की जरूरत है। इसके अलावा 2952 से 2954 के बीच का पैचवर्क उतरा है, इस पर पैचवर्क की दरकार है। ईडब्ल्यूएस कालोनी में प्रवेश करते ही कई गड्ढे हैं।
- एसके नैय्यर, प्रधान, सिटीजनंस वेलफेयर एसोसिएशन