रायपुररानी। जिले के सबसे बड़े ब्लाक रायपुररानी में दो कमरों से शुरू हुआ पीएचसी को अपग्रेड करने के बाद 30 बेड की सुविधाओं वाली इमारत तो मिली है, लेकिन जनता को आज भी सीएचसी में कई मूलभूत सेवाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। इसमें आज तक अल्ट्रासाउंड, थायराइड टेस्ट, जनरल लैब टेक्नीशियन और कैंटीन की सुविधा नहीं होने से अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जानकारी के अनुसार करीब पांच एकड़ के क्षेत्र में सीएचसी है, लेकिन इमारत वाले क्षेत्र को छोड़कर शेष परिसर में पैर रखना भी मुश्किल है। स्थानीय स्टाफ ने बताया कि परिसर में बने क्वार्टर की हालत बिल्कुल जर्जर हो चुकी है। कुछ क्वार्टरों में रहने वाले स्टाफ को किसी भी अनहोनी का डर सताता है। आसपास उगे जंगल के कारण सांप सहित कई प्रकार के जहरीले कीड़े भी घरों में घुस जाते हैं।
अस्पताल में सात पोस्ट मंजूर के मुताबिक और सभी स्टाफ पूरा है। 12 स्टाफ नर्स हैं। इसके अतिरिक्त पूरे हरियाणा में रायपुररानी का एकमात्र सीएचसी सेंटर ऐसा है, जिसमें सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। क्षेत्रवासियों की जरूरत के अनुसार डेंटल सर्जन, होम्योपैथिक के अलावा बच्चों के लिए भी स्पेशल डॉक्टर उपलब्ध करवा दिए हैं। जर्जर क्वार्टर के दोबारा निर्माण और परिसर में कैंटीन की अनिवार्यता का प्रस्ताव भी हेड आफिस भेज दिया है। -डॉ. संजीव गोयल, एसएमओ, रायपुररानी अस्पताल
मैं सुबह सैंपल देने के बाद टेस्ट की रिपोर्ट लेने आया हूं। डॉक्टर रिपोर्ट देखने के बाद दवा देंगे। कई दिन से अपना इलाज करवा रहा हूं। -- कश्मीरी लाल, गांव सुखदर्शनपुर
अस्पताल में 12 बजे तक ही टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है। रिपोर्ट लेने के लिए दोपहर बाद आना पड़ता है, इस कारण लगभग पूरा दिन अस्पताल में ही लग जाता है। इस समस्या पर संज्ञान लेने की जरूरत है। - नैबो देवी, गांव सुल्तानपुर
अस्पताल की इमरजेंसी में कई दवाएं ऐसी हैं, जो केमिस्ट शॉप पर रात के समय नहीं मिलती हैं। अस्पताल प्रबंधन भी अपने पास इमरजेंसी में दवा उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर मरीज को हरासमेंट करते करते हैं। -- सचिन शर्मा रिहावड़