रास्ता देने की गुहार लगाता बुजुर्ग।
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बरवाला। भारत बंद का बरवाला क्षेत्र में खास असर देखने को नहीं मिला। कस्बे व क्षेत्र में सभी दुकानें, बैंक, सरकारी व प्राइवेट कार्यालय खुले रहे। सड़कों पर मैक्सी कैब व ऑटो आदि भी चलते रहे, लेकिन हरियाणा राज्य परिवहन की बसें न चलने से लोगों को निजी वाहनों से सफर करना पड़ा।
उधर, भारतीय किसान यूनियन व किसान नेताओं व अन्य ट्रेड यूनियनों की ओर ये राष्ट्रीय राजमार्ग-7 पर स्थित गांव माणक्यां के पास रोड पर बैरिकेड लगाकर सुबह 6 बजे से ही रोड को जाम कर दिया। किसानों ने जमकर केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। हालांकि इस दौरान किसान यूनियन नेताओं, किसानों द्वारा जरूरी सेवाओं को छूट दी गई थी, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारियों ने इसकी धज्जियां उड़ाईं। इस दौरान बहसबाजी भी हुई। इस कारण बीमार लोगों को भी परेशान होना पड़ा। जाम में फंसे रवि सहारनपुर, किरण ऋषिकेश, सचिन सोलन व सुशांत ठाकुर नहान ने बताया कि उन्हें अपने परिवार के सदस्यों को इलाज के लिए अपने वाहन से पीजीआई जाना था, लेकिन जाम के कारण वे प्रदर्शनकारियों के आगे रास्ता देने के लिए हाथ जोड़ते नजर आए।
वहीं, यमुनानगर नगर वासी अमित ने बताया कि वह अपने बच्चे की किडनी का इलाज करवाकर अपने घर यमुनानगर जा रहे थे, लेकिन जाम के दौरान जाने नहीं दिया गया। कई घंटे के बाद पुलिस व मीडिया कर्मियों के सहयोग से उन्हें जाम से निकाला गया। इतना ही नहीं जाम में फंसा एक बुजुर्ग तो परेशान होकर प्रदर्शनकारियों के सामने बैरिकेड के आगे ही सड़क पर लेट गया और कहने लगा हमको यह कैसी सजा। हालांकि इस मौके पर पुलिस प्रशासन द्वारा भी भारी पुलिस बल तैनात किया गया था परंतु पुलिसकर्मी भी इस दौरान बेबस नजर दिखाई दिए।