त्योहारी सीजन को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने जिलों के डीसी और एसएसपी के साथ अहम बैठक की। चन्नी ने बैठक में अधिकारियों को पंजाब में मिशन क्लीन शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिलों में माफिया नहीं दिखना चाहिए। एसएचओ, मुंशी और थानेदार त्योहार पर दुकानदारों को परेशान न करें। मुख्यमंत्री ने इन दिशा निर्देशों को सख्ती से लागू करने को कहा।
सभी डीसी और एसएसपी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें नशीले पदार्थों के व्यापार और भ्रष्ट आचरण के लिए जीरो टॉलरेंस अपनाने के अलावा रेत खनन और शराब से संबंधित अवैध गतिविधियों में लिप्त बेईमान तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया। चन्नी ने कहा कि त्योहारों के मद्देनजर, दुकानदारों को अपने सामान जैसे पटाखे और खाने-पीने की चीजों को बेचने के लिए हर संभव सुविधा प्रदान की जानी चाहिए।
रेत खनन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बालू की दरें तय की गई हैं। राज्य भर में निर्धारित दर का कड़ाई से पालन सभी उपायुक्तों और एसएसपी द्वारा सुनिश्चित किया जाना चाहिए, उन्हें अवैध रेत खनन पर सख्ती से ध्यान देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके अलावा परिवहन में शामिल लोगों को अधिक शुल्क नहीं देना चाहिए, इस संबंध में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम विकास कार्यों में उपयोग होने वाली रेत और बजरी को समतल करने के लिए पंचायतों से कोई शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर निदेशक, सतर्कता ब्यूरो सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय और सभी एसएसपी की उपस्थिति में सतर्कता विभाग की बैठक भी की और उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करके ‘मिशन क्लीन’ की सफलता सुनिश्चित करने के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए। कानून व्यवस्था की स्थिति से अवगत कराते हुए उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने डीसी और एसएसपी को विशेष रूप से त्योहारी सीजन के दौरान सीमा पार से खतरे को देखते हुए अतिरिक्त सतर्क रहने का निर्देश दिया।
रंधावा ने कहा कि पुलिस अधिकारियों को पुलिस थानों में मौजूद होना चाहिए, क्योंकि ये मोबाइल फोन से नहीं चलने चाहिए। यह भी कहा कि राज्य में गैंगस्टर कल्चर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवारी, डीजीपी इकबाल प्रीत सिंह सहोता, प्रमुख सचिव (गृह विभाग) अनुराग वर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव हुसैन लाल और निदेशक (खनन एवं भूविज्ञान) राहुल भंडारी उपस्थित थे।