संवाद न्यूज एजेंसीपंचकूला। घग्गर पार बसे शहर के सेक्टर-26 के लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मूलभूत सुविधाएं भी लोगों को नहीं मिल रही हैं, जिसके कारण प्रशासन के प्रति लोगों में रोष बना हुआ है। इन्हीं समस्याओं को लेकर रविवार को सेक्टर-26 में आरडब्ल्यूए की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता आरडब्ल्यूए अध्यक्ष धर्म सिंह हीरा ने की। बैठक में पदाधिकारियों ने सेक्टर की समस्याओं पर चर्चा की और प्रशासन से इनका समाधान करने की मांग की।
अध्यक्ष धर्म सिंह हीरा ने कहा कि सेक्टर में सड़कों की हालत बहुत ज्यादा खराब है। ओजस अस्पताल के सामने सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। करीब एक सप्ताह पहले स्कूटी सवार एक महिला इन इन गड्ढों के कारण गिर गई थी। उसे गंभीर चोट आई थी। बिजली और पानी का कनेक्शन लेने के लिए सड़क टूटने के बाद उनकी मरम्मत नहीं कराई जाती जबकि इसका हर्जाना उपभोक्ताओं से ले लिया जाता है। इस बारे में कई बार एचएसवीपी और नगर निगम अधिकारियों को अवगत कराया गया है। मगर सड़कों की मरम्मत नहीं की जा रही है। वहीं शहर में आवारा पशुओं की भी भारी समस्या है।
पार्क में घूमते हैं आवारा कुत्ते
चंचल ठाकुर और पीएस ठाकुर ने बताया कि सेक्टर के पार्क के गेट क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। ये अपने आप बंद हो जाएं इसके लिए इनमें स्प्रिंग लगाए गए थे। वे टूट चुके हैं। अब आवारा कुत्ते पार्क में घुस जाते हैं। कुत्ते पार्क में गंदगी फैलाते रहते हैं। कुछ कुत्ते तो ऐसे हैं जो लोगों पर हमला भी कर देते हैं। इससे लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। सेक्टर में कई स्ट्रीट लाइटें भी खराब पड़ी हैं।
सुबह बिजली कटों से पानी आपूर्ति बाधित
सरदार अमरजीत सिंह और एससी चौहान ने बताया कि कई बार ऐसा होता है कि सुबह पानी सप्लाई आने के समय बिजली चली जाती है। इससे पानी की सप्लाई भी बंद हो जाती है। लोगों को पूरा दिन पानी की किल्लत झेलनी पड़ती है। एचएसवीपी को इसके लिए पंप सेट लगाए जाने की जरूरत है।
स्कूल के पास जमा रहता है कूड़ा
बीएस चौहान और कुलदीप चौहान ने बताया कि सेक्टर की सड़कों की सफाई के बाद कूड़ा सेक्टर के सरकारी स्कूल की दीवार के साथ डाल दिया जाता है। इससे वहां गंदगी का आलम बना रहता है। वहां पर दिनभर आवारा कुते और लावारिस पशु मुंह मारते रहते हैं। हवा के साथ गंदगी में पड़े पॉलीथिन भी उड़ कर सेक्टर में फैल जाते हैं।
खाली प्लाटों से नहीं काटा जा रहा घास
आरआर पॉल और ज्ञानचंद ने बताया कि सेक्टर के करीब 40 फीसदी प्लॉट खाली पड़े हैं। उनमें बड़ी-बड़ी जंगली घास और भांग के पौधे उगे हुए हैं। उनकी सफाई नहीं कराई जाती है जबकि एचएसवीपी की ओर से प्लॉट मालिकों से मोटी पैनल्टी वसूली जा रही है। उस घास से सांप और अन्य जहरीले जीव निकलकर लोगों की कोठियों में घुस जाते हैं।
अगर सेक्टरवासियों के सामने एचएसवीपी से संबंधित कोई परेशानी आ रही है तो उसका समाधान जरूर किया जाएगा। - धर्मवीर सिंह, प्रशासक, एचएसवीपी