पंचकूला। सेक्टर-11 के बाद सेक्टर-20 की डिस्पेंसरी में भी बदहाली का आलम मिला है। यहां तो अंग्रेेजी, देशी शराब और बीयर की खाली बोतलें, नमकीन के रैपर और डिस्पोजल गिलास हर जगह बिखरे मिलते हैं। डिस्पेंसरी के कमरों की तो सफाई की गई है, मगर परिसर इतना गंदा है मानो महीनों से किसी ने सुध ही नहीं ली हो। डिस्पेंसरी परिसर में अतिक्रमण भी किया गया है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से किए जाने वाले स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर व्यवस्थाओं के दावे पंचकूला में तार-तार होते नजर आ रहे हैं।
वीरवार को जहां सेक्टर-11 में मेडिकल वेस्ट जलाए जाने के अवशेष मिले थे, वहीं वीरवार को सेक्टर-20 की डिस्पेंसरी में शराब और बीयर की खाली बोतलें मिली। डिस्पेंसरी परिसर में हरियाली के लिए छोड़ी गई कच्ची जगह में जंगली घास उगी हुई मिली। देखने से ही साफ पता चल रहा है कि महीनों से कटाई-छंटाई नहीं की गई है। मामले में सिविल सर्जन डॉ. मुक्ता कुमार का कहना है कि इन खामियों से स्वास्थ्य विभाग का कोई लेनादेना नहीं है। क्षेत्र के लोगों ने नाराजगी प्रकट कर कहा है कि अधिकारियों की लापरवाही से ही हालात खराब हो रहे हैं।
अस्पताल परिसर में ही अतिक्रमण
शहर से अतिक्रमण हटाने के लिए उपायुक्त और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण लगातार योजना बना रहे हैं, और कार्रवाई कर रहे हैं। सेक्टर-20 में दीये नीचे अंधेरा वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। यहां की डिस्पेंसरी में एक मैकेनिक ने अपनी दुकान का सारा सामान डिस्पेंसरी में रखा हुआ है। वह सड़क पर डिस्पेंसरी की दीवार के साथ बाइकों की मरम्मत करता है। वहां काम करने वाले राहुल ने यह भी बताया कि उनकी दुकान के बारे में डिस्पेंसरी के अधिकारियों को भी पता है। इसके अलावा रेहड़ी पर फल बेचने वालों की कैरेट भी डिस्पेंसरी के गेट के साथ ही अंदर रखी रहती है।
महाराजा अग्रसेन का अनादर
सेक्टर-20 की डिस्पेंसरी में महाराजा अग्रसेन की फोटो का भी अनादर किया जा रहा है। वहां एक पेड़ के नीचे महाराजा अग्रसेन की दो फोटो रखी गई हैं। इनके आसपास भी बहुत ज्यादा गंदगी का आलम है। इतना ही नहीं, उनकी फोटो के बिल्कुल सामने बोतल और डिस्पोजल गिलास भी पड़े हैं।
डिस्पेंसरी के सुंदरीकरण और वहां हरियाली के लिए आरडब्ल्यूए ने पौधरोपण किया था। पौधों की सिंचाई के लिए पाइप भी दी गई थी। मगर कोई देखभाल नहीं होने के कारण वहां स्थिति बहुत ज्यादा खराब है। - योगिंदर क्वात्रा, उपप्रधान, आरडब्ल्यूए सेक्टर-20
पूरा विश्व महामारी से बाहर निकलने का प्रयास कर रहा है, मगर स्वास्थ्य विभाग इसके प्रति गंभीर नहीं है। कम से कम स्वास्थ्य केंद्रों में तो सफाई व्यवस्था के उचित प्रबंध किए जाने चाहिए। वहां पेड़-पौधे लगाए जाने चाहिए। - अविनाश मलिक, सेक्टर-20
कोट
डिस्पेंसरी में शराब की खाली बोतलें मिलने का मतलब है कि वहां असामाजिक तत्वों का बोलबाला है। इसके लिए जिम्मेवारी तय होनी चाहिए। अधिकारियों को मामले की जांच करानी चाहिए। शहर का पॉश इलाका होने के बावजूद ऐसे हालात हैं। - अशोक खुराना, सेक्टर-20
डिस्पेंसरी के पीछे जंगली घास उगी है। हालत ऐसी है कि वहां जाते समय भी डर लगता है। गंदगी होने के कारण आवारा कुत्ते भी डिस्पेंसरी में घूमते रहते हैं। अधिकारियों को ये सब दिखाई ही नहीं देते हैं। - बीआर सेठी, सेक्टर-20
महाराजा अग्रसेन के प्रति समाज में गहरी आस्था है। उनका अनादर करना बहुत ही निंदनीय है। इसकी जांच होनी चाहिए और जो दोषी हो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। अगर जांच नहीं कराई जाती है तो समाज इसका विरोध करेगा। - विजय बंसल, राष्ट्रीय संगठन मंत्री, अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन।