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Panchkula News: प्राइवेट पब्लिशर्स से बुक्स के साथ कॉपियां, चॉक, कलर खरीदना भी स्कूल तय कर रहे

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अभिभावकों से मनमानी वसूली होने के बाद शिक्षा विभाग मौन
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कॉपियों के दाम में मनमानी पर नहीं लग रही रोक, लगातार लोग परेशान
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। शहर के नामी प्राइवेट स्कूलों ने अभिभावकों की जेबें ढीली कर दी हैं। इसके बावजूद शिक्षा विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। प्राइवेट पब्लिशर्स किताबों के साथ अभिभावकों को कॉपियां, चॉक, कलर और ग्लू भी निर्धारित दुकानों से खरीदने के लिए बाध्य कर रहे हैं। कॉपियों के दामों में मनमानी लगातार बनी हुई है।
सेक्टर-16 निवासी अभिभावक सुरेश कुमार ने बताया कि उनका बेटा सेक्टर-4 के एक नामी प्राइवेट स्कूल में पढ़ता है। स्कूल की ओर से पांचवीं कक्षा के बच्चे के लिए किताबों के साथ कॉपियां, चॉक और कलर खरीदने के लिए मजबूर किया गया। यहां तक कि नर्सरी के बच्चों के लिए भी चॉक और ग्लू दुकानदार ही तय कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस कारण किताबों के साथ सभी सामान महंगा मिला और उन्हें कुल सात हजार रुपये का भुगतान करना पड़ा।
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वहीं सेक्टर-4 निवासी अभिभावक सुनील कुमार ने बताया कि चॉक, पेंसिल, इरेजर और कॉपियों का पूरा बॉक्स दिया जा रहा है। यदि इसे नहीं लेते तो दुकानदार किताबें देने से मना कर देते हैं, जिससे परेशानी होती है।

पंचकूला पैरेंट्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट मनीष बांगड़ ने कहा कि स्कूल जानबूझकर खास डिजाइन की कॉपियों के सेट लगवा रहे हैं, जो सामान्य दुकानों पर उपलब्ध नहीं होते। इस कारण कॉपियों का सेट एक हजार से डेढ़ हजार रुपये तक में मिल रहा है, जबकि बाजार में यही सामान करीब 500 रुपये में उपलब्ध है। स्कूल के दबाव में अभिभावक शोषण का शिकार हो रहे हैं।
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कोट
शिक्षा विभाग की ओर से सर्कुलर जारी किया गया है कि किसी भी अभिभावक को कॉपी और किताब खरीदने के लिए दुकानदार या स्कूल बाध्य नहीं कर सकते। यदि इस तरह का मामला सामने आता है तो अभिभावक शिकायत दें, सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- संध्या मलिक, जिला शिक्षा अधिकारी, पंचकूला
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