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सरस आजीविका मेला शिल्पकारों और महिलाओं की तरक्की का बड़ा मंच : मुख्यमंत्री

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पंचकूला। सरस आजीविका मेला शिल्पकारों और खरीदारों को एक ही जगह जोड़कर देश की आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है। हमें अपने स्थानीय कारीगरों के बने सामान को प्राथमिकता देकर उन्हें प्रोत्साहन देना चाहिए।
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मुख्यमंत्री रविवार को पंचकूला सेक्टर-5 स्थित परेड ग्राउंड में आयोजित सरस आजीविका मेला 2025 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि थे। उन्होंने राज्यभर से आए महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजीएस) और कारीगरों के स्टॉल देखे और उनके हुनर की प्रशंसा की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्वापन डिजिटल ग्राम बाजार पोर्टल और साझा बाजार सेल्स पोर्टल का शुभारंभ भी किया।
स्वापन डिजिटल ग्राम बाजार पोर्टल से एसएचजी की महिलाओं द्वारा बनाए सामान को दुनिया भर में ऑनलाइन बेचने की सुविधा मिलेगी। साझा बाजार सेल्स पोर्टल से स्टॉल आवंटन, बिक्री का रिकॉर्ड और उत्पादों का विश्लेषण एक ही जगह उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दोनों पोर्टल ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।
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उन्होंने कहा कि महिलाएं आज ऐसे उत्पाद बना रही हैं जो गुणवत्ता में विदेशी सामान को कड़ी टक्कर दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी स्वयं सहायता समूहों के काम की सराहना करते हैं और हरियाणा के शिल्प के बारे में मन की बात में विशेष रूप से उल्लेख कर चुके हैं।
-राज्य में बढ़ रहा एचएचजी नेटवर्क

हरियाणा में अब तक 60,554 स्वयं सहायता समूह बनाए जा चुके हैं। इनमें लगभग 5.98 लाख परिवार जुड़े हैं। सरकार अभी तक 547.89 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दे चुकी है। सामुदायिक निवेश निधि को 50 हजार से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दिया गया है। प्रदेश में एसएचजी की महिलाएं 380 कैंटीन भी चला रही हैं।


-ड्रोन दीदी और 3 लाख लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में महिलाओं को ड्रोन चलाना सिखाया जा रहा है और 100 महिलाओं को ड्रोन दिए जा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य है कि हरियाणा में 3 लाख लखपति दीदी तैयार की जाएं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की मेहनत और भागीदारी की वजह से हरियाणा देश के सबसे तेज़ी से प्रगतिशील राज्यों में शामिल है। राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर साझा बाजार बनाने का काम तेजी से चल रहा है। अब तक 10 साझा बाजार बन चुके हैं, ताकि महिलाओं के हाथों से बने उत्पाद आसानी से बिक सकें।
इस दौरान मेले में आई महिलाओं ने कहा कि इस आयोजन से उन्हें अपने उत्पाद बेचने और नए ग्राहकों से जुड़ने का शानदार मौका मिला। आचार, मसाले, खिलौने, धातु के बर्तन और व्यंजनों की अच्छी बिक्री हुई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, मेयर कुलभूषण गोयल, ओमप्रकाश देवीनगर, बीबी सिंघल, तरुण भंडारी, हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्यकारी अधिकारी सूरजभान, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता सहित कई अधिकारी और देशभर के कारीगर मौजूद रहे।
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