पंचकूला। राजीव-इंदिरा कॉलोनी पुनर्वास योजना के लिए सरकार सेक्टर-28 और सेक्टर-20 में जमीन उपलब्ध करवाएगी और फ्लैट का निर्माण एक कंपनी करेगी। कंपनी शहर के दोनों सेक्टरों में कॉलोनी के लोगों के लिए 14 मंजिल का एक टावर बनाएगी। योजना के तहत कुल 74 सौ फ्लैट का निर्माण होना है। 42 सौ फ्लैट सेक्टर-28 और 32 सौ फ्लैट सेक्टर-20 में बनेंगे। इस योजना को धरातल पर उतारने की एचएसवीपी ने पूरी तैयारी कर ली है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो 16 दिसंबर को बिड खुल जाएगी। वहीं, इस योजना के विरोध में सेक्टर-28 के लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका डाली थी। सरकार ने जवाब देने के लिए समय मांगा था। अब राजीव-इंदिरा कॉलोनी की पुनर्वास योजना में 10 दिसंबर को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई है। इस पर एचएसवीपी और राजीव-इंदिरा कॉलोनी के लोगों की निगाहें टिकी हैं। हाईकोर्ट के रुख के बाद अधिकारी आगे की कार्रवाई शुरू करेंगे। यही कारण है कि वह हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। उधर, राजीव-इंदिरा कॉलोनी के लोग भी सरकार के इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में एक याचिका लगाने की तैयारी कर रहे हैं। अभी तक कॉलोनी के करीब पांच सौ से ज्यादा लोग केस से संबंधित कागजात पूरा कर चुके हैं।
राजीव-इंदिरा कॉलोनी के लोग प्रदेश सरकार के फैसले का लगातार विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें फ्लैट नहीं बल्कि प्लॉट चाहिए, क्योंकि सरकार के आदेश पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण उनसे प्लॉट के लिए पैसे भी जमा करवा चुका है। इतना ही नहीं विभाग ने गांव बुढ़नपुर के पास प्लॉट काटने के लिए जमीन भी चिह्नित कर दी थी। इतना सब कुछ होने के बाद भी आजतक किसी भी व्यक्ति को प्लॉट का कब्जा नहीं मिला। राजीव-इंदिरा कॉलोनी निवासी डॉ. राम प्रसाद, राम सरन, राजीव भुक्कल, सुनील सरोहा का कहना है कि प्रदेश सरकार उनके साथ धोखा कर रही है। लाखों रुपया जमा करवाने के बाद भी उन्हें प्लॉट नहीं दिया जा रहा है। अब सरकार उन्हें फ्लैट में बसाने की तैयारी कर रही है। यदि ऐसा हुआ तो कॉलोनी के लोग बर्बाद हो जाएंगे।
राजीव-इंदिरा कॉलोनी लेवर वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव डॉ. राम प्रसाद का कहना है कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा सेक्टर-20 और सेक्टर-28 में पहले से ही आशियाना फ्लैट बनाए गए हैं। जिनकी वर्तमान स्थिति बहुत दयनीय है। फ्लैट में रहने वाले लोग कई तरह की परेशानी का सामना कर रहे हैं। यदि एचएसवीपी 14 मंजिल का फ्लैट बनाकर उन्हें देगी तो सबसे ज्यादा परेशानी कॉलोनी के बुजुर्गों को होगी। उन्हें फ्लैट पर पहुंचने के लिए सीढ़ियों का प्रयोग करना पड़ेगा, जो संभव नहीं है। राम सरन का कहना है कि यदि फ्लैट में लिफ्ट की सुविधा दी जाती है तो मेंटेनेंस की जिम्मेदारी किसकी होगी। इसके अलावा बिजली का बिल कौन भरेगा।
सेक्टर-20 के लोगों की बढ़ जाएगी परेशानी
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण यदि सेक्टर-20 में पुनर्वास योजना के तहत 32 सौ फ्लैट का निर्माण करता है तो यहां के लोगों की परेशानी और बढ़ जाएगी। क्योंकि इस सेक्टर की आबादी पहले ही बहुत ज्यादा है। यहां पहले ही एक आशियाना फ्लैट बना हुआ है, जिसमें 1240 फ्लैट हैं। इस फ्लैट में करीब छह हजार लोग रहते हैं। ऐसे में एक और फ्लैट का निर्माण होता है तो दिक्कत बढ़ेगी। सेक्टर-20 आरडब्ल्यूए के उपप्रधान योगिंदर क्वात्रा का कहना है कि यहां पहले ही मूलभूत सु विधाओं की दरकार है। सीवरेज लाइन की क्षमता बहुत कम है। सड़क शंकरी है। वहीं, सेक्टर-28 के लोग भी एचएसवीपी के इस फैसले से आहत होकर हाईकोर्ट में पहुंच गए हैं।
नेचुरल फारेस्ट में लोग काट रहे पेड़ों की टहनियां
सेक्टर-20 स्थित नेचुरल फारेस्ट के स्थान पर फ्लैट निर्माण की घोषणा के बाद कुछ लोग चोरी छिपे पेड़ों की टहनियों को काट रहे हैं। आरडब्ल्यूए के उपप्रधान योगिंदर क्वात्रा और महासचिव अविनाश मलिक ने बताया कि विभागीय अधिकारियों को भी इस घटना की जानकारी है, लेकिन वह पेड़ों की टहनियों को काटने वालों को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। यदि कारण है कि कुछ लोग बिना किसी डर के दिन में ही नेचुरल फारेस्ट में प्रवेश कर पेड़ों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह फारेस्ट सेक्टर-20 के लोगों के लिए ऑक्सीजन का काम करता है। यदि यहां पर फ्लैट बनाने के लिए इसे बर्बाद किया जाता तो लोगों के जीवन से खिलवाड़ होगा।