तरनतारन। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान तरनतारन के विकास लिए कितनी ग्रांट जारी हुई और यह ग्रांट कहां खर्च हुई, इसका ब्योरा खंगालने के लिए स्थानीय निकाय विभाग, पंजाब की इंटरनल विजिलेंस की टीम ने सोमवार को नगर काउंसिल कार्यालय में दबिश दी। टीम की अगुवाई करने वाले चीफ विजिलेंस अधिकारी (सीवीओ) राजीव सेखड़ी ने बताया कि रिकार्ड कब्जे में लेने के बाद उसकी जांच होगी। जांच के बाद सामने आएगा कि ग्रांट में हेराफेरी हुई या नहीं। कुल मिलाकर नगर काउंसिल कार्यालय में तैनात ईओ शरणजीत कौर जांच के घेरे में आ गई हैं, जो विजिलेंस की दबिश दौरान नगर काउंसिल कार्यालय से गैरहाजिर रही।
नगर काउंसिल तरनतारन का मार्च 2020 में कार्यकाल खत्म हो गया था, जिसके बाद एसडीएम रजनीश अरोड़ा को प्रबंधक लगाया गया। नगर काउंसिल को शहर के विकास के लिए जारी ग्रांटों में कथित हेराफेरी का आरोप लगाते हुए मोहल्ला गुरू का खूह निवासी हरजिदर सिंह ने स्थानीय निकाय विभाग, पंजाब के डायरेक्टर को लिखित शिकायत की थी। इसके बाद हलका विधायक डा. कश्मीर सिंह सोहल को भी शिकायतें मिली कि नगर काउंसिल की ईओ शरणजीत कौर का व्यवहार लापरवाही वाला रहा है। हाल ही में विधायक डा. सोहल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को मिलकर मामले की जांच की सलाह दी थी। हालांकि नगर काउंसिल के प्रबंधक-कम-एसडीएम ने भी ईओ शरणजीत कौर के विरुद्ध एक शिकायत विभाग को दी थी। उक्त शिकायतों के आधार पर स्थानीय निकाय विभाग की इंटरनल विजिलेंस टीम सुबह नौ बजे स्थानीय कार्यालय पहुंची और रिकार्ड कब्जे में लेना शुरू कर दिया। सीवीओ ने बताया कि पांच सदस्यीय टीम नगर काउंसिल का रिकार्ड कब्जे में ले रही है। रिकार्ड की जांच होगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। टीम की दबिश के दौरान ईओ शरणजीत कौर स्थानीय कार्यालय से गैरहाजिर रहीं।
ईओ के खिलाफ शिकायतों की झड़ी
शहर निवासी अमनदीप सिंह ने मौके पर ईओ शरणजीत कौर पर आरोप लगाया कि उसने कर्ज लेने के लिए अपने मकान बाबत एनओसी अप्लाई की। इसके लिए वह दो माह से लगातार चक्कर काट रहा है, परंतु ईओ द्वारा न तो उसे एनओसी दी जा रही है और न ही संतुष्टि जनक जवाब मिल रहा है। इसी प्रकार अरविद चोपड़ा, नरेश कुमार, अशोक अग्रवाल, दिलप्रीत सिंह, राज कुमार राजू, अश्विनी कुमार ने आरोप लगाया कि एनओसी लेने के लिए दो माह से लगातार चक्कर काटने पड़ रहे है।
ईपीएफ और वेतन में गड़बड़ी के आरोप
नगर कौंसिल के खाते से जारी होने वाली राशि पर ईओ के ही हस्ताक्षर होते हैं। विधानसभा चुनाव से पहले नगर काउंसिल के प्रबंधक-कम-एसडीएम रजनीश अरोड़ा द्वारा ईओ को रिकार्ड पेश करने के लिए कई बार लिखा गया, परंतु ईओ द्वारा गंभीरता नहीं दिखाई गई। इसके बाद मामला चंडीगढ़ पहुंच गया। सूत्रों की मानें तो नगर काउंसिल के कर्मियों के ईपीएफ से लेकर वेतन में कथित तौर पर गड़बड़ी होने के आरोप सामने आ रहे हैं।