पंचकूला। विभागीय अधिकारियों के उदासीन रवैये के चलते पंचकूला शहर धीरे-धीरे गड्ढों का गढ़ बनता जा रहा है। लोग लगातार गड्ढों से मुक्ति दिलाने के लिए मांग कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी हैं कि सुनवाई ही नहीं कर रहे हैं। नगर निगम को सबसे ज्यादा टैक्स का भुगतान करने वाले उद्यमियों को गड्ढों के चलते कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर के प्रवेशद्वार की सड़कों का गड्ढों से बुरा हाल है। शहर में दाखिल होने वालों का स्वागत बड़े-बड़े गड्ढे करते हैं।
वाहन जहां हिचकोले खाते हैं, वहीं जोरदार झटके भी लगते हैं। सेक्टर के अंदर की सड़कों की भी हालत दयनीय है। आरडब्ल्यूए और समाजसेवी संस्थाएं इस समस्या से निजात दिलाने के लिए लगातार पत्राचार कर रही हैं। लेकिन, उन्हें आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल रहा है। पंचकूला विकास मंच ने इस मामले को लेकर ऐलान किया है कि यदि गड्ढों को जल्द न भरा गया तो वह सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। नगर निगम अधिकारियों ने किरकिरी से बचने के लिए पंचकूला के मुख्य प्रवेश द्वार हाउसिंग बोर्ड से लेकर सेक्टर-17-18 चौक तक सड़के के गड्ढों को भर दिया है। निगम के इस कार्य से बड़ी संख्या में लोगों को गड्ढों से निजात मिल गई है, लेकिन यदि कोई चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से विकास नगर की तरफ से शहर में प्रवेश करता है तो उसे गड्ढों के साथ गंदगी का सामना करना पड़ता है।
जाम और कीचड़ से होती है परेशानी
हैरानी की बात ये है कि इस रास्ते पर सेक्टर-17 पड़ता है, जहां हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष एवं पंचकूला विधायक ज्ञानचंद गुप्ता का आवास भी है। इस मार्ग के होकर अधिकांश लोग राजीव-इंदिरा कालोनी पहुंचते हैं। वहीं, यदि कोई जीरकपुर से होकर औद्योगिक क्षेत्र -1 के प्रवेशद्वार से शहर में दाखिल होता है तो उसे जाम और गड्ढों में भरे कीचड़ का सामना करना पड़ता है। यदि बाहरी लोग जीरकपुर-कालका-शिमला हाईवे से होकर सेक्टर-1 या फिर माजरी चौक से शहर में प्रवेश करते हैं तो उनका स्वागत गड्ढों से ही होता है।
सेक्टरों के अंदर की सड़कों का भी बुरा हाल
यदि हम बात करें सेक्टरों के अंदर की सड़कों की तो इनका भी बुरा हाल है। वर्तमान स्थिति ये है कि यहां सड़कों में डेढ़ से दो फीट के गड्ढे हैं, जिनमें बरसात होने पर पानी भर जाता है। जिसके चलते वाहन चालकों को परेशानी होती है। वहीं, मोबाइल कंपनियां बिना नगर निगम से मंजूरी लिए लगातार खुदाई कर रही हैं और वह तार बिछाने के बाद गड्ढों को बंद भी नहीं कर रही हैं। इसके चलते बरसात होने पर पानी जमा हो जाता है और हादसा हो सकता है।
कई बार की शिकायत, नहीं हुआ हल
- सेक्टर-20 की सड़कों का गड्ढों से बुरा हाल है। निगम अधिकारियों से कई बार बार शिकायत की गई लेकिन आजतक उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। मौजूदा स्थिति ये है कि गड्ढों के चलते आए दिन हादसे हो रहे हैं। वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। - योगेंद्र क्वात्रा, वरिष्ठ उपप्रधान आरडब्ल्यूए सेक्टर-20
अधिकारी जल्द दें समस्याओं पर ध्यान
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और नगर निगम अधिकारियों को जनता की सुविधाओं की तरफ ध्यान देना चाहिए। स्थानीय नेता विकास के दावे तो कर रहे हैं, लेकिन धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है। सड़कों की स्थिति दयनीय है। जिससे शहर की छवि धूमिल हो रही है। - भारत हितैषी, चेयरमैन हाउस ओनर वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-10।
बरसात होने पर धंस जाती हैं सड़कें
नगर निगम ने शहर की सुंदरता बढ़ाने के नाम पर हरियाली को खत्म कर दिया है। लाखों रुपये खर्च करके चौकों का सौंदर्यीकरण किया गया है, लेकिन दशकों पुराने लगे पेड़ों को काट दिया गया। बरसात होने पर सड़कें धंस जाती हैं। इसे ठीक करने में महीनों का समय लग जाता है।
- राकेश अग्रवाल, सदस्य पंचकूला विकास मंच।
ठेकेदार सड़क बनाने के बाद हो जाते हैं गायब
- दूसरे राज्यों से शहर में आने वालों का स्वागत गड्ढों से होता है। सड़कों का बुरा हाल है। ठेकेदार सड़क बनाने के बाद गायब हो जाते हैं, जिसके चलते सड़कों की मरम्मत नहीं होती है। विधायक व मेयर द्वारा विकास के दावे किए जाते हैं, लेकिन सच्चाई किसी से छिपी नहीं है।
- देवराज शर्मा, महासचिव पंचकूला विकास मंच।
जल्द सड़कों की हालत में होगा सुधार
सड़कों की हालत को सुधारने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। संबंधित विभागीय अधिकारियों ने मरम्मत कार्य भी शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में सभी सड़कों की हालत को सुधार दिया जाएगा। शहर के विकास कार्यों को लेकर मैं वचनबद्ध हूं। - कुलभूषण गोयल, मेयर पंचकूला।
धरातल से विकास है गायब
स्थानीय नेताओं द्वारा विकास के बहुत दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर विकास गायब है। शहरवासियों को जगह-जगह गड्ढों का सामना करना पड़ रहा है। लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। नगर निगम अधिकारियों को जनता की सुविधाओं की तरफ ध्यान देना चाहिए। सड़कों की मरम्मत करवाकर परेशानी से निजात दिलानी चाहिए।
- सीमा भारद्वाज, चेयरमैन पंचकूला विकास मंच।