पंचकूला। वित्तवर्ष 2022-23 से रेलवे स्टेशन की पूरी जिम्मेदारी अंबाला रेल मंडल के हाथों में आ जाएगी। इसका सबसे ज्यादा फायदा रेल यात्रियों को मिलेगा। पार्किंग, प्लेटफार्म टिकट, खानपान सेवाओं, विज्ञापन, साफ-सफाई, साज-सज्जा, रिटायरिंग रूम, वेटिंग हॉल, डिस्प्ले बोर्ड, हेल्प डेस्क, विश्रामगृह, इमरजेंसी चिकित्सा, शौचालय आदि का प्रबंधन इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कारपोरेशन (आईआरएसडीसी) से रेलवे के हाथों में 31 मार्च 2022 तक आ जाएगा। सेवाओं के स्थानांतरण की कागजी कार्रवाई 15 जनवरी से शुरू हो गई है।
अब रेलवे स्टेशन का विकास रेलवे कराएगा
21 मार्च 2019 से रेलवे सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था, टिकट की बिक्री और ट्रेनों के संचालन का काम देख रहा है। स्टेशन की अन्य जिम्मेदारियां आईआरएसडीसी की थी। रेल मंत्रालय ने फिर रेलवे स्टेशनों का विकास कार्य रेलवे मंडलों को सौंप दिया है। अब आईआरएसडीसी से स्टेशनों की विकास से जुडे़ काम लेने के बाद अंबाला मंडल ही स्टेशनों का विकास और सौंदर्यीकरण करेगा। स्टेशनों के विकास के जितने भी प्रोजेक्ट हैं, वह आईआरएसडीसी रेलवे मंडल को सौंपेगा। अन्य ठेके भी रेल मंडल ही देखेगा।
6 से 8 गुना कम हो जाएगा
1 अप्रैल 2022 से चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन का पार्किंग दर (वाहन, कार, ऑटो, साइकिल) 6 से 8 गुना कम हो जाएगा। 31 मार्च से अंबाला मंडल की तरफ से रेलवे के पुराने पार्किंग रेट फिर से लागू कर दिए जाएंगे।
31 मार्च के बाद साइकिल पांच रुपये, अभी चार घंटे के लिए पांच रुपये, 4-12 घंटे के 10 रुपये, 12-24 घंटे के 15 रुपये
31 मार्च के बाद स्कूटर-बाइक 10 रुपये, अभी दो घंटे के लिए 15 रुपये, उसके बाद हर घंटे के 10 रुपये (कुल 235 रुपये प्रतिदिन)
31 मार्च के बाद कार-जीप 20 रुपये, अभी दो घंटे के लिए 30 रुपये, उसके बाद हर घंटे के 15 रुपये (कुल 360 रुपये प्रतिदिन)
31 मार्च तक आईआरएसडीसी को अंबाला रेल मंडल को चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के सारे चार्ज हैंडओवर करना है। वहीं रेलवे के पास पार्किंग की जिम्मेदारी आते ही पुराने निर्धारित रेट के अनुसार स्टेशन के पार्किंग रेट कर दिए जाएंगे। - जीएम सिंह, डीआरएम अंबाला डिवीजन।