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धान की बिजाई पर सियासत भी शुरू, पंजाब में दोनों तरह की बिजाई का समय तय

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चंडीगढ़। पंजाब में धान की बिजाई को लेकर राज्य सरकार ने सूबे को चार जोन में बांटते हुए 18 जून से धान की बिजाई शुरू करने की घोषणा की है। हालांकि सीधी बिजाई के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से हाल ही में किए गए एलान के तहत सभी जोन में किसान 20 मई से सीधी बिजाई कर सकते हैं। धान की बिजाई संबंधी नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही इस मुद्दे पर सियासी हलचल भी शुरू हो गई है। शिअद और कांग्रेस ने बिजाई में देरी पर सवाल उठाए हैं।
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पंजाब सरकार की ओर से, दि पंजाब प्रिजर्वेशन आफ सब-सॉयल वाटर एक्ट 2009 (पंजाब एक्ट नंबर 6 आफ 2009) के सेक्शन 3 के सब-सेक्शन (1) और (2) के तहत जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, जोन एक में संगरूर, बरनाला, मालेरकोटला, लुधियाना, पटियाला, श्री फतेहगढ़ साहिब जिलों में धान की बिजाई 18 जून से शुरू की जाएगी, जबकि जोन-2 में बठिंडा, मानसा, मोगा, फरीदकोट, फिरोजपुर व फाजिल्का जिलों में 22 जून से, जोन-3 में मोहाली, रोपड़, नवांशहर, जालंधर, कपूरथला, श्री मुक्तसर साहिब जिलों में 24 जून से और जोन-4 में गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, अमृतसर, तरनतारन जिलों में 26 जून से धान की बिजाई शुरू होगी।
दूसरी ओर, शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने राज्य में जोन बनाकर धान की रोपाई में देरी करने के सरकार के फैसले की तत्काल समीक्षा करने की मांग की है। पार्टी के सीनियर नेता प्रो. चंदूमाजरा ने शनिवार को कहा कि धान की रोपाई के लिए सूबे को जोनों में विभाजित करने और तीसरे जोन में 24 जून के बाद रोपाई की अनुमति देने का सरकार का फैसला राज्य के लिए आपदा का कारण बनेगा। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति के कुप्रबंधन के लिए किसानों को दंडित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि अगर धान की रोपाई में अत्यधिक देरी होती है, तो इससे ज्यादा नुकसान होगा, बल्कि किसानों को अगले गेहूं की बुआई में भी बहुत ज्यादा देरी हो जाएगी।
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कांग्रेस के सीनियर नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की तरफ से धान लगाने के लिए जो चार जोन बनाए गए हैं, किसानों ने उसे नकार दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय 10 जून को धान की रोपाई शुरू करवाई जाती थी, जिसे घटाकर 5 जून कर दिया गया था। लेकिन अब सरकार इसे 24 जून तक ले गई है। उन्होंने कहा कि बिजली के मामले में पंजाब सरकार सर्दी के मौसम का इंतजार करने लगी है, ताकि बारिश शुरू होने के बाद हालात ठीक हो सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पास पंजाबियों को बिजली देने के लिए कोई प्रबंध नहीं है।
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