पंचकूला। इस बार पंचकूला के दुकानदारों ने खाने पीने की चीजों में साल भर जमकर मिलावट की है। 2021 में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से जनवरी से दिसंबर तक 161 सैंपल भरे हैं। 19 फीसदी से ज्यादा सैंपल ठीक नहीं पाए गए। फूड विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि खाद्य पदार्थों के सैंपल लगातार भरे जा रहे हैं। जो भी दुकानदार मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचेगा उस पर कार्रवाई की जाएगी। इस साल जनवरी से 8 मार्च तक फेस्टिवल सीजन में 30 सैंपल लिए गए हैं। जल्द ही इनकी जांच की जाएगी।
जिले में खाने-पीने की चीजें बेचने वाले दुकान और होटल संचालक थोड़े से पैसे के लालच में जमकर मिलावट कर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। पंचकूला में मिलावट करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई में लंबा समय लगता है। तीन माह का समय तो एडीसी के पास लगता है। वहीं, अनसेफ सैंपल को लेकर मामला कोर्ट में जाता है। इससे कोर्ट में अपने हिसाब से कार्रवाई करता है। दोषी दुकानदार को नोटिस भेजा जाता है। इसके बाद उसको रिचेकिंग का भी विकल्प दिया जाता है। इसमें एक माह की समय सीमा निर्धारित होती है। विभाग में स्टाफ की कमी भी एक समस्या है। स्टाफ की कमी के कारण चेकिंग धीमी गति से होती है।
दूध, सब्जियों की क्वालिटी घटिया मिली
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दूध उत्पादों, सब्जियों व खाद्य पदार्थों के सैंपल फेल मिले हैं। खासकर पनीर, दूध, मिठाइयों की दुकानों की जांच की गई। इसमें घटिया क्वालिटी की सब्जी और दूध मिला। त्योहारी सीजन में इसमें अधिक मिलावट मिली।
कोट
विभाग की ओर से सैंपल भरे जा रहे हैं। मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। जिन दुकान के सैंपल में मिलावट मिली है उन्हें नोटिस दिया गया है।
डीके शर्मा, ज्वाइंट कमिश्नर, फूड विभाग, हरियाणा