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पंचकूला हिंसा के चार साल: सड़कों पर मचा था ऐसा ताडंव, सहम गए थे लोग, इस फैसले से भड़की थी हिंसा

Wed, 25 Aug 2021 08:34 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो योगेंद्र त्रिपाठी, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)
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पंचकूला हिंसा के चार साल। - फोटो : फाइल फोटो
चार साल पहले 25 अगस्त 2017 को पंचकूला में जो हिंसा हुई थी उसे याद कर आज भी पंचकूला के बाशिंदे कांप उठते हैं। डेरामुखी गुरमीत राम रहीम को साध्वी यौन शोषण मामले में सीबीआई की विशेष अदालत की ओर से दोषी करार देने के बाद उनके समर्थक बेकाबू हो गए थे। कोर्ट के फैसले के बाद सैकड़ों की संख्या में लोग हाथों में हथियार और पेट्रोल बम लेकर पंचकूला में घुस गए। सैकड़ों वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया।  

उस दिन करीब चार घंटे तक पंचकूला की सड़कों की अराजकता का माहौल रहा। हालात काबू करने के लिए सेना व अर्धसैनिक बलों को गोलियां तक चलानी पड़ीं। चार साल पहले भड़की हिंसा के निशान आज भी चंडीमंदिर थाने में मौजूद हैं। जले वाहनों के अवशेषों को जंग लग गया है। पीड़ितों को मुआवजा तक नहीं मिला है। दूसरी ओर, वांछितों को एसआईटी, पुलिस और क्राइम ब्रांच मिलकर भी नहीं पकड़ सकी हैं। जबकि इस मामले में पंचकूला में 177 एफआईआर दर्ज की गईं। 1137 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि मामले का मुख्य आरोपी राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहा है।
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पंचकूला हिंसा। - फोटो : फाइल फोटो
वाहनों के अलावा बैंक में भी लगाई आग
हिंसा के दौरान दंगाइयों ने करीब सौ वाहन जला दिए थे। इनमें अधिकतर वाहन मीडियाकर्मियों के थे। हिंसा के तत्काल बाद सरकार ने जल्द मुआवजे का भरोसा तो दिया, लेकिन किसी को मुआवजा राशि नहीं मिल सकी। दंगाइयों ने हिंसा के दौरान सेक्टर-16, एचडीएफसी बैंक को आग के हवाले कर दिया था और अग्रवाल भवन में तोड़फोड़ के बाद एंबुलेंस समेत अन्य गाड़ियों को जला दिया था।

हिंसा के दौरान करीब 35 लोगों की हुई थी मौत
पंचकूला हिंसा में करीब 35 लोगों की मौत हुई थी। 17 अगस्त 2017 को सिरसा स्थित डेरे में हुई बैठक में मौजूद हनीप्रीत समेत आदित्य इंसां सहित दर्जनों ऐसे डेरा करीबी थे, जिन्होंने एक साथ साजिश रचकर वारदात को अंजाम दिया था। समर्थकों को भड़काने समेत हिंसा और आगजनी के लिए उन्हें लाखों की रकम भी बांटे जाने का आरोप है। सीबीआई की विशेष अदालत से 20 साल की सजा मिलने के बाद राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। सीबीआई की विशेष कोर्ट ने राम रहीम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या मामले में भी सजा सुनाई है।
 
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पंचकूला हिंसा। - फोटो : फाइल फोटो
नहीं मिला है आज तक मुआवजा
पंचकूला हिंसा के दौरान सेक्टर-5 में बलटाना निवासी बलवान सिंह की बाइक जल गई थी। उनको आज तक मुआवजा नहीं मिला है। वहीं सुशील कुमार ने बताया कि बाइक जलने के बाद कई बार पुलिस ने उनको भी बुलाया। तहकीकात करने के बाद कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। इसी तरह कई कारें, चार पहिया और दो पहिया वाहनों को निशाना बनाया गया। सरकारी संपत्ति के अलावा स्थानीय लोगों के घरों को नुकसान पहुंचाया गया। 
 

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पंचकूला हिंसा। - फोटो : फाइल फोटो
डेरा प्रेमियों ने मीडिया कर्मचारियों पर हमला करने समेत समाचार चैनलों की वैन व अन्य वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की थी। बिगड़े हालात को काबू करने के लिए अर्ध सैनिक बल और पंचकूला पुलिस को फायरिंग करने समेत आंसू गैस के गोले छोड़ने को मजबूर होना पड़ा था। 
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पंचकूला हिंसा। - फोटो : फाइल फोटो
ये हैं वांछित
पंचकूला हिंसा मामले में पांच लाख के इनामी आदित्य इंसां, एक लाख के इनामी अमरीक सिंह, नवदीप कुमार, अभिजीत शंकर को पकड़ने में पुलिस असफल रही है। इकबाल, जसबीर सिंह, ओमपाल शर्मा, परामूत, अर्ष अरोड़ा, विजय कुमार भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। हनीप्रीत को मामले में जमानत मिल चुकी है।

पंचकूला पुलिस मामले की जांच कर रही है। पंचकूला हिंसा मामले में सभी आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा। इसके लिए विभाग की तरफ से स्पेशल टीम बनाकर इस मामले के मोस्टवांटेड को पकड़ा जाएगा। - सौरभ सिंह, पुलिस आयुक्त, पंचकूला

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