हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एजसीएमएस) के आह्वान पर लंबित मांगों को लेकर सिविल अस्पताल के इमरजेंसी और ओपीडी के डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। इस दौरान शहर के सेक्टर- 6 सिविल अस्पताल की ओपीडी, कालका सब डिवीजनल सीएचसी सेंटर, पिंजौर का पॉलीक्लीनिक, पीएचसी सहित जिले के 51 डिस्पेंसरियों के डॉक्टर हड़ताल पर रहेंगे। हड़ताल से निपटने लिए सिविल अस्पताल में कंसल्टेंट डॉक्टर, एनएचएम और डीएनबी के डॉक्टर इमरजेंसी और ओपीडी में इलाज करेंगे। सरकार की ओर से मांगें नहीं मानने पर 25 जुलाई से सरकारी अस्पताल में आपातकालीन, पोस्टमार्टम समेत सभी सेवाएं बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी।
पंचकूला मेडिकल एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. मंदीप सिंह ने बताया कि उनकी मांग काफी समय से लंबित है। इस लेकर अब प्रदर्शन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर वीरवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं। अस्पताल की सभी ओपीडी बंद रहेगी। हरियाणा सरकार और स्वास्थ्य विभाग के सभी आलाधिकारियों को इस संबंध में ज्ञापन दिया गया था। ज्ञापन देने के बाद भी अभी तक उनकी मांग पर कोई सुनवाई नहीं हुई है।
इन ओपीडी में नहीं बैठेंगे डॉक्टर
पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6 में एमडी मेडिसिन, यूरोलॉजी विभाग, स्किन, अर्थोपेडिक्स, मनोरोग विभाग चेस्ट एंड टीबी, गायनी, सर्जरी, कैंसर ओपीडी में डॉक्टर नहीं बैठेंगे। इस दौरान लोगों को इलाज के दौरान जांच में भी समस्या का सामना करना पड़ेगा। इस दौरान डॉक्टरों की ओर से हड़ताल की जानकारी पहले भी दी जा चुकी है। यह हड़ताल कालका, पिंजौर, बरवाला, मोरनी, रायपुररानी सहित सभी जगह रहेगी।
अफसरों की टेबल पर घूम रही फाइल
डॉ. मंदीप सिंह ने बताया कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विधानसभा में अलग से कैडर बनाने की घोषणा की थी। सरकार से अप्रूवल मिलने के बाद भी यह फाइल अफसरों की टेबल पर घूम रही है। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष राजेश ख्यालिया ने कहा कि हमारी मांग नहीं मानी गई है। इस कारण अनिश्चितकानीन धरने पर जा रहे हैं। 25 जुलाई को प्रदेशभर में सरकारी चिकित्सक अनिश्चितकालीन हड़ताल कर इमरजेंसी, ओपीडी ओर पोस्टमार्ट हाउस का काम नहीं देखेंगे।