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Panchkula News: पंजाब की अधिकांश मंडियों में धान खरीद का काम पूरा, सरकार की एजेंसियों ने खरीदा 181.01 लाख टन धान

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चंडीगढ़। भ्रष्टाचार के मामले में विजिलेंस ब्यूरो की कार्रवाई का विरोध कर रहे पंजाब की खाद्यान्न खरीद एजेंसियों के अफसरों की हड़ताल शुक्रवार को दसवें दिन में दाखिल हो गई। लेकिन इस हड़ताल का राज्य की मंडियों में जारी धान खरीद व उठान पर बहुत अधिक नहीं पड़ा है। अमृतसर, फरीदकोट, पटियाला, पठानकोट व मुक्तसर की मंडियों में धान खरीद का काम पूरा हो गया है, जबकि मालवा क्षेत्र के कुछ जिले जहां धान की कटाई का काम जारी था, में ही खरीद व उठान का काम जारी है।
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इस बीच, बुधवार के बाद सरकार की तरफ से भी हड़ताली अफसरों से बातचीत या विवाद सुलझाने का कोई नया प्रयास नहीं किया गया। प्रदेश की खाद्यान्न एजेंसियां- पनसप, पनग्रेन, मार्कफैड और पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन ने उन मंडियों में खरीद व उठान का काम समाप्त कर दिया है, जहां क्षेत्र की सारी धान पहुंच चुकी है। अमृतसर में परमल की खरीद पूरी होने के बाद अब केवल बासमती की फसल पहुंच रही है, जिसे निजी व्यापारी खरीद रहे हैं। वहीं, राज्य की जिन मंडियों में धान खरीद का काम पूरा हो चुका है, वहां किसानों को फसल का भुगतान भी कर दिया गया है।
इस बीच, खाद्य एवं सिविल सप्लाई मंत्री लालचंद कटारूचक्क ने खरीद एजेंसियों के अफसरों की हड़ताल को लेकर कहा कि हड़ताल से मंडियों में खरीद और उठान का काम प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा और इस समय जिन मंडियों में खरीद का काम बाकी है, वहां काम में कोई बाधा नहीं आ रही। उन्होंने कहा कि सभी खरीद केंद्रों में खरीद के साथ-साथ फसल के उठान के काम को सुचारु रखा गया था, इसलिए खरीद के साथ ही फसल गोदामों के लिए रवाना की जाती रही। उन्होंने कहा कि उन्होंने हड़ताल कर रहे अफसरों व कर्मचारियों से खुद मिलकर हड़ताल वापस लेने का आग्रह किया है। उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आप सरकार जीरो टालरेंस की नीति पर चलती रहेगी। कटारूचक्क ने कहा कि ईमानदार अफसरों को विजिलेंस की कार्रवाई की चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने साफ कर दिया कि अनाज ढुलाई घोटाले और रैक घोटाले में विजिलेंस की कार्यवाही नहीं रुकेगी। उधर, चंडीगढ़ स्थित अनाज भवन में हड़ताल पर बैठे अफसरों ने शुक्रवार को भी मीडिया से दूरी बनाए रखी।
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पंजाब की एजेंसियों ने खरीदा 180.01 लाख टन धान
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने पंजाब की मंडियों में 30 नवंबर, 2022 तक 1.94 लाख टन धान की खरीद की है। यह खरीद देश के सभी राज्यों के मुकाबले सबसे अधिक है। पंजाब की खाद्यान्न एजेंसियों ने इस अवधि तक 180.01 लाख टन धान की खरीद की है। इस खरीद सीजन में सरकार ने राज्य में 184 लाख टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। जिन क्षेत्रों में अभी मंडियों में धान पहुंच रहा है, उससे अनुमान लगाया गया है कि खरीद लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।
अमृतसर की मंडी में पहुंचा 27 लाख क्विंटल धान
पंजाब की बड़ी अनाज मंडियों में से एक अमृतसर की भगतांवाला अनाज मंडी में धान की आमद पूरी हो चुकी है। सरकार की ओर से परमल किस्म का धान खरीदा जाता है, जिसकी आमद पूरी तरह बंद हो गई है। इसके चलते सरकारी एजेंसियों- पनसप, पनग्रेन, वेयर हाउस, एफसीआई और मार्कफैड ने मंडी में धान की खरीद बंद कर दी है। अब मंडी में सिर्फ बासमती की ही आमद हो रही है, जिसकी खरीद निजी खरीद एजेंसियों की ओर से की जा रही है। मार्केट कमेटी अमृतसर के सचिव अमन अरोड़ा ने बताया कि अभी तक भगतवाला मंडी में 27 लाख क्विंटल धान आई है। खरीदी गई सारी फसल का भुगतान किसानों को उनके सीधे बैंक खातों में कर दिया गया है।
फरीदकोट की मंडियों में निपट गया धान का सीजन
फरीदकोट की अनाज मंडियों में धान खरीद का सीजन सफलतापूर्वक निपट चुका है। इन दिनों मंडियों में बासमती पहुंच रही है। जिला मंडी दफ्तर के मुताबिक, इस सीजन के दौरान फरीदकोट जिले की अनाज मंडियों में 714526 टन धान की सरकारी खरीद की गई है और लगभग सारी फसल की लिफ्टिंग का काम भी पूरा करवाया जा चुका है। पिछले साल के मुकाबले इस साल धान की पैदावार में कुछ कमी आई है। 2021 में जिले की मंडियों में 725516 टन धान की आवक हुई है, जबकि इस साल करीब 10 हजार टन कम आवक हुई। उधर, आढ़ती एसोसिएशन के सदस्य महिंदर बांसल ने कहा कि धान की सीजन खत्म हो चुका है और फसल का भुगतान भी हो चुका है। कुछ आढ़तियों का कमीशन व मजदूरों का कुछ बकाया लंबित है, जिसके जल्द जारी होने के आसार हैं।
पटियाला की 109 मंडियों में 12.87 लाख टन खरीद
पटियाला जिले की 109 मंडियों में बनाए गए खरीद केंद्रों में धान खरीद का काम पूरा हो चुका है। इस सीजन के दौरान जिले की मंडियों में 12 लाख 87 हजार 578 धान की आवक हुई है और यह सारा खरीदा जा चुका है। इसमें ज्यादा खरीद सरकारी एजेंसियों ने की है और किसानों को 100 फीसदी राशि का भुगतान कर दिया गया है। केवल 674 टन धान की प्राइवेट खरीद की गई। जिला मंडी अफसर अजयपाल सिंह बराड़ ने बताया कि खरीद का काम 15 नवंबर को ही पूरा हो गया था। खरीद के साथ लिफ्टिंग का काम भी मंडियों में पूरा हो चुका है, एक भी दाना धान मंडियों में नहीं है।
पठानकोट की 14 मंडियों में कुल 84038 टन धान पहुंचा
पठानकोट की 14 मंडियों में इस सीजन के दौरान कुल 84038 टन धान पहुंची, जिसे 17 नवंबर तक खरीद लिया गया था। खरीद एजेंसियों में पनग्रेन, मार्कफेड, पनसप, पीएसडब्ल्यूसी, एफसीआई ने पठानकोट जिले के 14132 किसानों और 61 ट्रेडर्स से धान की खरीद की। अधिकारियों के मुताबिक पठानकोट में धान की 100 फीसदी खरीद हो चुकी है और किसानों को पूरी पेमेंट भी कर दी गई है।
मुक्तसर मंडी में पहुंचे धान की हुई खरीदारी
मुक्तसर की मंडी में मार्केट कमेटी के सुपरवाइजर कलगा सिंह ने बताया कि मंडी में पहुंचा 2 लाख 39 हजार 3 टन धान खरीद लिया गया है और लिफ्टिंग का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि फिलहाल बासमती किस्म का धान पहुंच रहा है। बासमती की 4 लाख 46 हजार 137 क्विंटल की आमद हुई है। जिसे निजी व्यापारियों द्वारा खरीद लिया गया है। इस बीच मंडी में किसान महिंदर सिंह बधाई, गुरमीत सिंह, जसपाल सिंह रणजीतगढ़, कुलदीप सिंह सोहनेवाला, काला सोहनेवाला ने बताया कि प्राइवेट शैलरों के जरिये बासमती की अदायगी होने के कारण कुछ देरी हो रही है, लेकिन पेमेंट मिल रही है।
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