चंडीगढ़। शिअद भाजपा सरकार के समय सिंचाई विभाग में हुए 1200 करोड़ रुपये के घोटाले में पूर्व कैबिनेट मंत्री शरणजीत सिंह ढिल्लों शुक्रवार को विजिलेंस के समक्ष पेश हुए। उनसे करीब साढे़े सात घंटे विजिलेंस ने पूछताछ की। इस दौरान उन्हेें एक प्रोफॉर्मा दिया गया था। इसमें भी उसने कुछ सवालों के जवाब दिए हैं। वहीं मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी तरफ से सभी सवालों के जवाब दिए हैं। विजिलेंस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया।
हालांकि कुछ सवालों के गोलमोल जवाब दिए हैं। पूर्व मंत्री शरणजीत सिंह ढिल्लों सुबह 11 बजे मोहाली स्थित विजिलेंस आफिस पहुंच गए थे। इसके बाद मामले के लिए गठित टीम ने विभिन्न चरणों में पूछताछ की। इस दौरान सिंचाई विभाग में टेंडर अलाटमेंट प्रक्रिया के बारे में जानने की कोशिश की। टेंडर के लिए किस प्रकार की कमेटी काम करती है। तकनीकी बिड में कौन से अधिकारी मौजूद होते हैं। आखिर में टेंडर अलॉट करने का फैसला कौन देता है। इस दौरान टेंडर अलॉटमेंट में कमीशन से लेकर अन्य सभी चीजों के बारे में विस्तार से जानने की कोशिश की गई। मंत्री ने बताया कि ठेकेदार की तरफ से उन पर जो आरोप लगाए गए थे। वह सारे निराधार थे। उन्होंने कहा कि जल्दी सच्चाई सामने आएगी। इससे पहले इस मामले में पूर्व आईएसएस अधिकारी काहन सिंह पन्नू से पूछताछ हो चुकी है। जबकि पूर्व मुख्य सचिव सर्वेश कौशल को भी समन जारी किए थे, लेकिन वह विदेश में थे। इसलिए अभी तक जांच में शामिल नहीं हुए। जबकि एक अधिकारी इस मामले में कोर्ट की शरण ले चुके हैं। वहां से उन्हें राहत मिल चुकी है।