पंजाब में तय लक्ष्य से अधिक धान की खरीद पंजाब सरकार के लिए गले की फांस बन गई है। इस बार सूबे में 170 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य तय हुआ था, लेकिन अब तक 185 लाख एमटी की खरीद की जा चुकी है। अब सूबा सरकार की ओर से केंद्र सरकार से धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध किया है। चालू खरीफ विपणन सत्र में केंद्र के द्वारा धान खरीद के लिए 170 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया था। पंजाब कृषि विभाग ने केंद्र को 197 एलएमटी धान उत्पादन का अनुमान दिया था।
इस दौरान पिछले वर्षों में कथित बड़े पैमाने पर फर्जी बिलिंग को देखते हुए केंद्र ने इस वर्ष 170 एलएमटी का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसे बढ़ाने के लिए केंद्र तैयार नहीं हैं। पंजाब के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री भारत भूषण आशु ने मंगलवार को केंद्र को एक पत्र भेजकर लक्ष्य बढ़ाने का आग्रह किया। हालांकि केंद्र सरकार के रुख को देखते हुए मंडियों में धान की अधिक आवक और फर्जी बिलिंग की आशंका को देखते हुए धान खरीद बंद करने का फैसला किया है। साथ ही फर्जी बिलिंग रोकने के लिए सरकार की ओर से सभी जिला खाद्य अधिकारियों को अपनी उपज के साथ मंडियों में आने वाले किसानों पर कड़ी नजर रखने के लिए कहा है।
आज बंद हो जाएगी धान खरीद
पंजाब में शुक्रवार से मंडियों में धान की खरीद पर पूरी तरह से बंद हो जाएगी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने सभी जिला कृषि अधिकारियों को इसके निर्देश जारी कर दिए हैं। बुधवार शाम को लुधियाना, बरनाला और मानसा के कुछ हिस्सों के अलावा संगरूर, मुक्तसर, पटियाला और मलेरकोटला में भी धान की खरीद बंद कर दी गई है।
खरीद बंद होने का विरोध करेंगे किसान
पंजाब में धान खरीद बंद होने का संयुक्त किसान मोर्चा ने विरोध किया है। मोर्चा की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि किसान इसके विरोध में सड़कों पर उतरेंगे। किसान नेता बलबीर राजेवाल का कहना है कि मौसम खराब रहने से धान की कटाई में देरी हुई है। अब भी 15-20 प्रतिशत फसल मंडियों में आने वाली है। सरकार के द्वारा मंडियों को बंद करना न्यायोचित नहीं है। किसान इसका कड़ा विरोध करेंगे।
कोट
केंद्र को तय लक्ष्य से अधिक खरीद के लिए पत्र लिखा गया है। पत्र में 170 एलएमटी से बढ़ाकर 190 एलएमटी करने का अनुरोध किया गया है। केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-गुरकीरत कृपाल, सचिव खाद्य एवं आपूर्ति सचिव