पंचकूला। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और नगर निगम के अधिकारियों को उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने निर्देश दिए हैं कि वह सुनिश्चित करें कि पंचकूला और कालका में जहां-जहां अवैध अतिक्रमण हटाया गया है, वहां दोबारा कब्जा न हो। इसके लिए वह अपने स्तर पर गैर सरकारी सदस्यों से फीडबैक भी लेंगे। डीसी शुक्रवार को अवैध अतिक्रमण और निर्माण को हटाए जाने को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अवैध झुग्गियों को बसाने में मदद करने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएं।
उपायुक्त ने कहा कि यह संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होनी चाहिए कि वे अपने-अपने विभागों की जमीन पर अतिक्रमण ना होने दें। उन्होंने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, नगर निगम पंचकूला व नगर परिषद कालका को निर्देश दिए कि वह सितंबर माह में अतिक्रमण और निर्माण को लेकर की जाने वाली कार्रवाई का शेड्यूल इस माह के अंतिम सप्ताह में प्रस्तुत करें, ताकि उन्हें पर्याप्त पुलिस फोर्स उपलब्ध करवाई जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पंचकूला और कालका में अवैध रूप से लगने वाली रेहड़ी-फड़ियों को प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाए।
उन्होंने निगम और प्राधिकरण को रेहड़ी-फड़ियों का पूरा रिकार्ड मेंटेन करने के निर्देश दिए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितनी अवैध रेहड़ी-फड़ियों को पकड़ा गया है। इसके अलावा कितनों का चालान किया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि अवैध अतिक्रमण और निर्माण हटाने के लिए आउटसोर्सिंग के तहत लगाए एन्फोर्समेंट के स्टाफ का वेतन उनके प्रदर्शन के आधार पर दिया जाए, ताकि उनकी जवाबदेही सुनिश्चित हो। उन्होंने नगर निगम को निर्देश दिए कि सेक्टर-19, 20 और 26 में लगने वाली मंडी को हटाए जाने के लिए की गई कार्रवाई की रिपोर्ट एक सप्ताह में प्रस्तुत करें।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि उनके द्वारा सरकारी भूमि पर जहां-जहां तारबंदी की गई है, निशानदेही के तौर पर बोर्ड लगाए गए हैं। उसकी एक रिपोर्ट तैयार कर फोटोग्राफ समेत एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि इस कार्य में नगर निगम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की सहायता के लिए पुलिस की एक डेडिकेटिड टीम का गठन किया है। बैठक में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की संपदा अधिकारी ममता शर्मा, डीएमसी दीपक सूरा व एसीपी पंचकूला उमेद सिंह उपस्थित रहे।