चंडीगढ़। हरियाणा रोडवेज के छह डिपो में 15 मार्च से पहले ओपन लूप ई-टिकटिंग प्रणाली का पायलट प्रोजेक्ट शुरू हो जाएगा। इंटरनेट न होने पर भी ई-टिकटिंग मशीनों में डाटा अपलोड हो जाएगा। यात्री रुपे कार्ड से भी कैशलेस यात्रा कर सकेंगे। अभी किसी राज्य की परिवहन बसों में यह सुविधा नहीं है। ऐसा करने वाला हरियाणा देश का पहला प्रदेश होगा।
चंडीगढ़, फरीदाबाद, करनाल, सोनीपत, भिवानी व सिरसा डिपो को पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। 16 फरवरी के बाद इन डिपो में ई-टिकटिंग मशीनों को लेकर रोडवेज कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इनमें सुपरवाइजर, इंस्पेक्टर, टिकट बुकिंग कर्मी व परिचालक शामिल होंगे। उनके सुझावों अनुसार ई-टिकटिंग मशीनों में सुधार भी किए जाएंगे। परिवहन विभाग योजना की शुरुआत केंद्रीय परिवहन मंत्री व मुख्यमंत्री से कराने की तैयारी में है। छह डिपो में पायलट परियोजना सफल रहने के बाद दो महीने में अन्य 18 डिपो में भी ई-टिकटिंग शुरू हो जाएगी।
परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों ने बताया कि अभी कुछ राज्यों में डिपो आधारित यह प्रोजेक्ट चल रहा है, लेकिन पूरे राज्य में कहीं नहीं है। इंटरनेट हो या नहीं, मशीनों में यह खासियत है कि डाटा ब्रेक नहीं होगा। सिग्नल आते ही सारा डाटा स्वत अपलोड हो जाएगा। टिकट भी वास्तविक समय पर ही कटी हुई दिखेगी। रुपे कार्ड के जरिये बसों में यात्रा करने की सुविधा पूरे देश में कहीं नहीं है। हरियाणा इसे लागू करने वाला भी पहला राज्य बनेगा। पूरे प्रोजेक्ट के लिए 4500 ई-टिकटिंग मशीनें खरीदी जाएंगी। योजना के लागू होने पर हर बस में मौजूद सवारियों की संख्या परिवहन विभाग के अधिकारियों के पास ऑनलाइन मौजूद रहेगी। योजना के तहत नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड बनाए जाएंगे। जिससे आने वाले समय में बस, मेट्रो, मल्टीप्लेक्स टिकट के साथ ही पार्किंग फीस भरी जा सकेगी।