औरों को नसीहत और खुद मियां फजीहत, कुछ ऐसे हैं पंचकूला बस स्टैंड के निर्मल ताऊ। पंचकूला बस स्टैंड पर धूम्रपान करने वाले और गंदगी फैलाने वालों को रोकने के लिए विभाग के प्रत्येक डिपो में निर्मल ताऊ का पद एक साल पहले निश्चित किया गया था। इस ताऊ का काम यही होता है कि बस स्टैंड पर कोई गंदगी न फैलाए, इसके लिए लोगों को जागरूक करना, अगर कोई धूम्रपान करता मिलता है तो उसे समझाए। अगर वह नहीं मानता है तो हेल्थ विभाग को सूचित करके उसका चालान कटवाए। लेकिन पंचकूला डिपो के निर्मल ताऊ तो खुद ही दिनभर हुक्का फूंककर धुआं उड़ाते रहते हैं।
कोरोना काल के बाद से पंचकूला बस डिपो बस ड्राइवरों की कमी झेल रहा है। वर्तमान में भी 20 से ज्यादा रोडवेज के ड्राइवर स्वास्थ्य विभाग में एंबुलेंस चलाने के लिए भेजे गए हैं। हालांकि इन सभी को वेतन हरियाणा रोडवेज की ओर से ही दिया जा रहा है। इसी कारण डिपो में ड्राइवरों की कमी भी बनी हुई है। विभाग के अधिकारी अपनी सूझबूझ से कम ड्राइवरों से डिपो का काम चला रहे हैं।
हरियाणा रोडवेज विभाग ने एक मजबूत कद-काठी के कर्मचारी को निर्मल ताऊ के पद पर नियुक्त करने का फैसला लिया था, ताकि वह रौबदार दिखाई दे। निर्मल ताऊ धोती-कुर्ता पहनता है और हाथ में एक बड़ी छड़ी भी रखता है। उसका काम सुबह 9 से शाम 5 बजे तक बस स्टैंड परिसर में ही घूमकर निगरानी रखने का होता है।
बस स्टैंड के निर्मल ताऊ ने एक साल के कार्यकाल के दौरान कुल 158 लोगों के ही चालान कटवाए हैं। इनमें से 70 चालान धूम्रपान के हैं और 88 चालान बस स्टैंड पर गंदगी फैलाने के हैं। बता दें कि धूम्रपान करने पर 200 रुपये और गंदगी फैलाने पर 50 रुपये का चालान किया जाता है। उन्होंने कुल मिलाकर अब तक 18400 रुपये के चालान लोगों के एक साल में करवाए हैं।
बस स्टैंड पर निर्मल ताऊ हुक्का पीते हैं, इस बात की जानकारी मुझे नहीं है। अगर ऐसा है तो इसकी जांच करवाई जाएगी। बस स्टैंड पर हुक्का पीते मिलते हैं तो तुरंत उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - सतबीर यादव, एसएस, पंचकूला डिपो।