पंचकूला। कालका-शिमला राष्ट्रीय राज्य मार्ग पर फ्लाईओवर के निर्माण को लेकर राज्य सरकार द्वारा तैयार प्रोजेक्ट का रास्ता अब साफ हो गया है। अब यह प्रोजेक्ट राज्य सरकार की झोली से निकलकर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के पाले में चला गया है। अब इसका निर्माण पीरआर-7 प्रोजेक्ट के तहत होगा। सब कुछ ठीक रहा तो तीन माह के अंदर निर्माण शुरू हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट के धरातल पर उतरने से करीब सवा लाख से भी ज्यादा आबादी को लाभ मिलेगा, क्योंकि उन्हें शहर में आने के लिए जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा।
दो साल से राज्य और परिवहन मंत्रालय के बीच इस प्रोजेक्ट की फाइल फुटबाल की तरह घूम रही थी। राज्य सरकार ने सेक्टर-20 के लोगों की मांग पर उन्हें जाम की परेशानी से निजात दिलाने के लिए सेक्टर-12, सेक्टर-12-ए और सेक्टर-20 और सेक्टर-21 के मध्य से गुजरने वाले कालका-शिमला राष्ट्रीय राज्य मार्ग-22 के ऊपर फ्लाईओवर के निर्माण की योजना बनाई थी। राज्य सरकार ने फ्लाईओवर के निर्माण कार्य की फाइल को मंजूरी के लिए परिवहन मंत्रालय के पास भी भेज दिया था। इसके बाद मंत्रालय के अधिकारियों ने फ्लाईओवर के नक्शे पर आपत्ति जताकर सुधार करने के लिए फाइल को दोबारा राज्य सरकार के तकनीकी विभाग को भेज दिया।
विभागीय अधिकारियों ने नक्शे की खामी को दूर कर दोबारा मंजूरी को भेजा। इसके बाद परिवहन मंत्रालय ने फ्लाईओवर के निर्माण कार्य को हरी झंडी दे दी थी, लेकिन प्रोजेक्ट एक बार फिर फंड को लेकर विवादों में फंस गया था। राज्य सरकार ने गुरुग्राम में बने फ्लाईओवर को आधार बनाकर मंत्रालय से फंड की मांग की, जबकि मंत्रालय ने इस प्रोजेक्ट को राज्य सरकार का बताकर फंड देने से मनाकर दिया था। अब सारी बाधाएं दूर हो गई हैं। इस प्रोजेक्ट को अंजाम अब एनएचएआई पीआर-7 प्रोजेक्ट के तहत देगा।
विधानसभा अध्यक्ष से मिले एनएचएआई के डायरेक्टर
सेक्टर-12, 12-ए और सेक्टर-20 और 21 के बीच बनने वाले फ्लाईओवर प्रोजेक्ट को लेकर एनएचएआई के डायरेक्टर ने हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता से मुलाकात की और विस्तृत चर्चा की। सरकार और विभागीय अधिकारी की मुलाकात सकारात्मक रही। डायरेक्टर ने अध्यक्ष को बताया कि इस प्रोजेक्ट पर वह तीन महीने के अंदर काम शुरू कर देंगे। क्योंकि पीआर-7 के तहत बनने वाली रिंग रोड का कार्य करीब 60 फीसदी पूरा हो चुका है।
मोहाली के इंटर नेशनल एयरपोर्ट से लेकर पंचकूला के सेक्टर 20-21 की डिवाइडिंग रोड तक बनने वाली करीब 11 किलोमीटर की रोड का बड़ा हिस्सा पांच साल पहले ही बनकर तैयार है। जीरकपुर में चंडीगढ़-अंबाला हाईवे तक यह रोड पूरी हो चुकी है। इस पर इन दिनों ट्रैफिक भी चल रहा है। इसके आगे नगला गांव के नाले तक यह रोड बन गई है। लेकिन इसकी आगे कनेक्टिविटी नहीं है।
सेक्टर-20/21 में भी ट्रैफिक की परेशानी होगी कम
मोहाली से पंचकूला के बीच बनने वाला पीआर-7 प्रोजेक्ट 2018 से पहले तैयार होना था, लेकिन अभी तक यह अधर में लटका है। जीरकपुर में रोजाना बढ़ रहे जाम की चुनौती से एनएचएआई को भी जूझना पड़ रहा है, इसलिए रिंग रोड को पूरा करना उसके लिए जरूरी हो गया है। पीरमुछल्ला तक रिंग रोड बनेगा। इससे पहले ट्रैफिक को घग्गर पार तक पहुंचाने के लिए एचएसवीपी 50 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण कर रहा है। लेकिन बिना मंजूरी के हरे पेड़ों को काटने का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन होने के कारण पुल का निर्माण कार्य भी रुक गया है। इस मामले को कोर्ट ने तत्काल निपटारा करने का आदेश दिया है।
दोनों सड़कों के मिलने से जीरकपुर का 50 प्रतिशत ट्रैफिक दबाव कम हो जाएगा और सेक्टर 20, 21 में भी ट्रैफिक की परेशानी कमहो जाएगी। मैकडोनाल्ड से लेकर पीरमुछल्ला तक रिंग रोड बनेगी। इससे पहले ट्रैफिक को घग्गर पार तक पहुंचाने के लिए एक अलग प्रोजेक्ट हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण बना रहा है। एचएसवीपी यहां 50 करोड़ से रोड बना रहा है। दोनों सड़कों के मिलने से जीरकपुर का50 प्रतिशत ट्रैफिक दबाव कम हो जाएगा और सेक्टर 20, 21 में भी ट्रैफिक की परेशानी कम हो जाएगी।
सवा लाख से ज्यादा की आबादी को मिलेगी राहत
निकाय चुनाव के दौरान सेक्टर-20 और सेक्टर-21 में नगर निगम के तीन वार्ड आते हैं। वार्ड नंबर-13 को महेशपुर और सेक्टर-21 की कुल 16505 की आबादी को मिलाकर बनाया गया था। वार्ड नंबर-14 में सेक्टर-20 और फतेहपुर की 13894 की आबादी को शामिल किया गया था। वार्ड नंबर-15 में कुंडी व सेक्टर-20 व सेक्टर-20 का पार्ट-2 और आशियाना की 13895 की आबादी शामिल गया था। तीनों सेक्टरों की कुल आबादी करीब 44294 है, जबकि सेक्टर-12 और सेक्टर-12-ए को मिला लिया जाए तो लाखों में पहुंच जाएगी। फ्लाईओवर का निर्माण होने से सेक्टर-20 अंडरपास के पास लोगों को जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा।
फ्लाईओवर का निर्माण कार्य अब एनएचएआई पूरा करेगा। क्योंकि यह पीरआर-7 प्रोजेक्ट में शामिल हो गया है। एनएचएआई के डायरेक्टर ने भी मुलाकात की थी। इस प्रोजेक्ट पर विस्तार से चर्चा हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि तीन महीने के अंदर प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा है। सेक्टर-12, 12-ए और सेक्टर-20, 21 के बीच फ्लाईओवर का निर्माण होने से लोगों को जाम से निजात मिल जाएगी। ज्ञानचंद गुप्ता, अध्यक्ष हरियाणा विधानसभा।
सेक्टर-20 फ्लाईओवर के नीचे शाम के समय लगा लंबा जाम। - फोटो : PKL OFFICE