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Panchkula News: कूड़े के ढेर में मिला नवजात बच्ची का शव, चादर पर लिखा था हरियाणा हेल्थ डिपार्टमेंट

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जेसीबी से कूड़ा उठाते समय नगर निगम के कर्मचारियों की नजर कूड़े के ढेर पर पड़ी तो मिली बच्ची
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित प्लॉट नंबर 323 के पास शनिवार सुबह कूड़े के ढेर में एक नवजात बच्ची का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। जिस चादर में बच्ची लिपटी मिली है उस पर हरियाणा हेल्थ डिपार्टमेंट लिखा था

जानकारी के अनुसार नगर निगम की टीम क्षेत्र में जेसीबी से कूड़ा उठा रही थी। इसी दौरान कर्मचारियों की नजर कूड़े में पड़े नवजात बच्ची के शव पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पुलिस को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही सेक्टर-19 पुलिस चौकी प्रभारी, सेक्टर-20 थाना प्रभारी और एसीपी राकेश कुमार मौके पर पहुंचे। बाद में सीन ऑफ क्राइम टीम को बुलाकर घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए गए।
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पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का राज

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवाया है ताकि माैत के कारणों का पता लग सके। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नवजात को मृत अवस्था में कूड़े में फेंका गया था या उसकी माैत बाद में हुई। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बच्ची को यहां कौन और कब छोड़कर गया।

ड्राइवर की शिकायत पर मामला दर्ज

कूड़ा उठाने वाली गाड़ी के चालक मोबीन खान की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। जांच में सामने आया है कि नवजात करीब पांच दिन की प्रतीत हो रही है। जिस चादर में बच्ची लिपटी मिली, उस पर ‘हरियाणा हेल्थ डिपार्टमेंट’ अंकित था। इस तथ्य को भी जांच में शामिल करते हुए पुलिस संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों, सिविल अस्पताल और आसपास के नर्सिंग होम के रिकॉर्ड खंगाल रही है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
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26 फरवरी को पीजीआई रेफर हुई थी बच्ची
सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल में 23 फरवरी 2026 को एक महिला ने बच्ची को जन्म दिया था। जन्म के बाद नवजात को हृदय संबंधी समस्या होने पर डॉक्टरों ने 26 फरवरी को उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। पीजीआई में एक दिन उपचार के बाद 27 फरवरी को परिजन वहां से डिस्चार्ज हुए या स्वयं ही चले आए इस संबंध में पुलिस जांच कर रही है। पुलिस शनिवार देर शाम पीजीआई पहुंची और पता लगाने का प्रयास किया कि अस्पताल से निकलते समय बच्ची जीवित थी या नहीं। पुलिस जांच कर रही है कि यदि बच्ची जीवित थी तो उसके साथ क्या हुआ और यदि उसकी मृत्यु हो चुकी थी तो शव को कूड़े के ढेर में क्यों फेंका गया। बताया जा रहा है कि डिलीवरी के बाद बच्ची के स्वास्थ्य को लेकर परिजन संतुष्ट नहीं थे। नवजात की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों को पीजीआई ले जाने के लिए फोन कर बुलाया गया था। पुलिस सेक्टर-6 जनरल अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है ताकि स्पष्ट हो सके कि बच्ची को रेफर करते समय उसके साथ कौन-कौन मौजूद था। मामले की जांच जारी है।
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