फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panchkula News: अलीपुर टाउन में डंपिंग ग्राउंड शिफ्टिंग को मिली एनओसी

विज्ञापन
विज्ञापन
एनजीटी की सख्ती के बाद प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की मंजूरी
विज्ञापन

अप्रोच रोड पूरा होते ही झूरीवाला से होगा स्थानांतरण
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड को शिफ्ट करने की दिशा में नगर निगम को बड़ी राहत मिली है। अलीपुर टाउन के पास प्रस्तावित स्थल के लिए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनओसी जारी कर दी है। अब नगर निगम बरवाला अलीपुर टाउन के निकट एक एकड़ भूमि पर डंपिंग ग्राउंड स्थापित करने की तैयारी में जुट गया है।
यह कार्रवाई नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्ती के बाद तेज हुई। नगर निगम ने अक्तूबर 2025 में एनओसी के लिए आवेदन किया था। पहले ऑफलाइन आवेदन को पोर्टल के माध्यम से दोबारा जमा करने के निर्देश दिए गए, जिससे पूरी प्रक्रिया में करीब चार माह का समय लगा। 19 फरवरी को एनओसी जारी कर दी गई।
विज्ञापन

अलीपुर टाउन के पास मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। वहीं कामी रोड से एमआरएफ सेंटर तक लगभग 150 मीटर लंबी अप्रोच रोड का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। रोड निर्माण पूरा होते ही झूरीवाला से डंपिंग ग्राउंड को शिफ्ट किया जाएगा।

झूरीवाला साइट पर रोज कचरा उठाने के निर्देश
एनजीटी ने नगर निगम को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि झूरीवाला साइट से प्रतिदिन कचरा उठाया जाए और भविष्य में वहां नया कचरा डंप न किया जाए। वर्ष 2022 की सुनवाई में एनजीटी ने झूरीवाला में डंपिंग ग्राउंड संचालित करने पर पंचकूला नगर निगम पर 9 करोड़ रुपये और कालका नगर परिषद पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।

रिपोर्ट में सामने आई थीं गंभीर अनियमितताएं
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच रिपोर्ट में झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड में कई खामियां उजागर हुई थीं। सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट एंड डिस्पोजल प्लांट निर्धारित मानकों के अनुरूप स्थापित नहीं पाया गया। नियमों के अनुसार ऐसा प्लांट वन्य जीव क्षेत्र, वन क्षेत्र या नगर सीमा से कम से कम एक किलोमीटर दूर होना चाहिए। जांच में यह भी सामने आया कि डंपिंग साइट से निकलने वाला लीचेट वर्षा जल के साथ घग्गर नदी में मिल रहा था, जिससे जल प्रदूषण बढ़ रहा था।

दोबारा 20 करोड़ से अधिक का नोटिस
सितंबर 2024 में झूरीवाला से डंपिंग ग्राउंड शिफ्ट न करने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पंचकूला नगर निगम को 20 करोड़ रुपये से अधिक के जुर्माने का नोटिस जारी किया था। इससे पहले 17 अगस्त 2022 को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने नगर निगम पर 9 करोड़ और कालका नगर परिषद पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। तीन वर्ष बाद भी शिफ्टिंग न होने पर एनजीटी ने दोबारा सख्ती दिखाई।
विज्ञापन


कोट
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सख्ती के बाद नगर निगम ने झूरीवाला से अलीपुर टाउन के पास खाली पड़ी एक एकड़ भूमि पर शिफ्टिंग के लिए एनओसी मांगी थी, जिसे 19 फरवरी को जारी कर दिया गया है।
-सुधीर मोहन, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पंचकूला।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें