पिंजौर। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री व अंबाला लोकसभा सांसद रतनलाल कटारिया ने पिंजौर स्थित गोशाला में हवन पूजन किया व गायों को चारा खिलाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर कटारिया ने गोशाला के लिए अपने एमपीलैड फंड से 5 लाख रुपये की घोषण भी की।
उन्होंने कहा कि भारत में गोवंश की संख्या 20 करोड़ (विश्व की कुल आबादी का 33.5 प्रतिशत ) से भी अधिक जो विश्व में सबसे अधिक है। 22.64 प्रतिशत और 10.03 प्रतिशत के साथ ब्राजील और चीन दुनिया में दूसरे व तीसरे स्थान पर हैं। हर भारतीय को गर्व की अनुभूति होनी चाहिए कि भारत विश्व में दूध का सबसे बड़े उत्पादक हैं। श्री कटारिया ने कहा कि गाय को धार्मिक नजरिए से देखने के साथ साथ उसके औषधीय महत्व को भी देखना चाहिए। देसी गायों के दूध में ए-2 नामक औषधीय तत्व पाया जाता है जो मोटापा, अर्थराइटिस, टाइप-1 डायबिटीज व मानसिक तनाव को रोकता है।
महाराष्ट्र और हरियाणा में गोहत्या विरोधी कानून बनने के बाद सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। रतनलाल कटारिया ने कहा कि यह खेद का विषय है कि गाय गलियों, कॉलोनी और सड़कों पर कचरा खाते दिखाई देती है। ऐसे में जो गो संचालक गायों को संरक्षण दे रहे हैं, वे उनको साधुवाद देते हैं। ऐसे व्यक्ति देश और समाज हित में सर्वोपरि कार्य कर रहे हैं। गाय के मूत्र में पोटाशियम, सोडियम, हाइड्रोजन, फास्फेट, यूरिया व यूरिक एसिड होता है।
गोमूत्र से कैंसर भी हो जाता है नष्ट
दूध देते समय गाय के मूत्र में लोक्टेज की वृद्धि होती है जो हृदय रोगों के लिए लाभकारी है। गाय एकमात्र ऐसा प्राणी है जो ऑक्सीजन ग्रहण करता है और ऑक्सीजन ही छोड़ता है। गाय का दूध फैट रहित परंतु शक्तिशाली होता है, उसे पीने से मोटापा नहीं बढ़ता व स्त्रियों के प्रदर रोग आदि में लाभ होता है। गाय के समीप जाने से ही सर्दी, खांसी व जुकाम का नाश हो जाता है। गोमूत्र रोज सुबह खाली पेट सेवन करने से कैंसर जैसे रोग भी नष्ट हो जाता है। इस अवसर पर रवि कांसल, सुनील कांसल, आरडी नेगी व अन्य उपस्थित रहे।