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केजरीवाल सरकार 24 घंटे में भुल्लर की रिहाई का आदेश दे : बैंस

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चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल प्रो. दविंदरपाल सिंह भुल्लर की रिहाई के बारे में झूठ बोलकर पंजाबियों को गुमराह कर रहे हैं। हकीकत यह है कि केजरीवाल सरकार भुल्लर की रिहाई का कड़ा विरोध कर रही है।
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शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल के प्रधान सलाहकार हरचरण बैंस ने रविवार को चंडीगढ़ में पार्टी मुख्यालय संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भुल्लर की रिहाई का केजरीवाल सरकार ने विरोध किया है। भुल्लर की हालत गंभीर है और चलने के लिए सहारे की जरूरत है। केजरीवाल सरकार ने कहा है कि प्रो. भुल्लर की रिहाई पंजाब और देश की शांति के लिए खतरा है और अगर उसे रिहा किया गया तो देश की शांति भंग हो सकती है।
बैंस ने कहा कि समिति ने कुल सात बंदियों पर फैसला किया है, जिसमें से छह पर फैसला उनकी अपनी राज्य सरकारों पर छोड़ दिया गया है। भुल्लर की रिहाई का सतेंद्र जैन की अध्यक्षता वाली एक समिति ने कड़ा विरोध किया। बैंस ने कहा कि यह शर्म की बात है कि केजरीवाल सरकार एक ऐसे व्यक्ति के प्रति ऐसा रवैया अपना रही है जिसकी हालत नाजुक बनी है। केजरीवाल को 24 घंटे के भीतर भुल्लर को रिहा करने की बैंस ने चुनौती दी। बैंस ने कहा कि भुल्लर की रिहाई पर फैसला नहीं लेने पर वे इस मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों को सार्वजनिक करेंगे जो भुल्लर के असली स्वरूप को उजागर करेंगे।
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दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र को तबाह करने का आरोप लगाते हुए अकाली नेता ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने हर साल 500 स्कूल खोलने का वादा किया था, जबकि 4 साल में राष्ट्रीय राजधानी में 19 स्कूल बनाए गए हैं। जब केजरीवाल सरकार की पोल खुली तो 20 हजार क्लासरूम बनाने की घोषणा की। बैंस ने बताया कि कैसे केजरीवाल सरकार के सत्ता में आने के बाद से सरकारी स्कूलों में नए छात्रों की नामांकन दर में भारी कमी आई थी और दिल्ली के स्कूलों में नामांकन दर 113 के राष्ट्रीय औसत के मुकाबले केवल 69 थी।
बैंस ने कहा कि जब दिल्ली में केजरीवाल सरकार फेल हो गई है तो दिल्ली का कौन सा मॉडल पंजाब में लागू करने की आप बात कर रही है। उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि केजरीवाल अब बेनकाब हो गए हैं और पंजाबी उनके प्रभाव में नहीं आएंगे।
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