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जाम: फाइलों में ओवरब्रिज-अंडरपास, धरातल में जनता बेहाल

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सेक्टर-20 स्थित फ्लाईओवर के नीचे जाम के कारण लगी गाड़ियों की लंबी कतार। - फोटो : PKL OFFICE
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पंचकूला। शहर की बढ़ती सीमाएं और लोगों की जरूरतें पूरी करने के लिए सरकार और प्रशासन प्रयास कर रहा है, लेकिन निर्धारित समय में प्रोजेक्ट पूरे नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी कड़ी में 100 करोड़ के ओवरब्रिज के चक्कर में सेक्टर-20 अंडरपास पर लगने वाला जाम आम हो गया है। जाम से निजात दिलाने के लिए दो प्रोजेक्ट बनाए गए हैं, लेकिन धरातल पर एक भी नहीं उतरा है।
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इस कारण दस साल से 100 से ज्यादा ग्रुप हाउसिंग सोसायटी के लोगों सहित करीब 50 हजार स्थानीय लोग इस जाम की समस्या से परेशान हैं, लेकिन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण समस्या के समाधान के लिए कोई स्थायी हल नहीं ढूंढ पाया है। नतीजा सुबह, शाम और दोपहर को लोगों को ऑफिस, विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज जाते समय जाम का सामना करना पड़ता है। इस अंडरपास से निकलने का मतलब कम से कम आधे घंटे समय की बर्बादी है। यह मार्ग सिर्फ पंचकूला सेक्टर-20 के लोग ही इस्तेमाल नहीं करते, बल्कि पंजाब के पीरमुछल्ला के हजारों लोग भी इसी मार्ग से आते-जाते हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि उन्हें ओवरब्रिज नहीं चाहिए।
उन्हें सेक्टर-12ए और सेक्टर-12 और रैली की तरफ से आ रही सड़क पर जहां फ्लाईओवर नीचे उतर रहा है, वहां पर दोनों जगहों पर अंडर पास बने। यहां से सेक्टर-20 के लोगों को रास्ता दिया जाए, ताकि हजारों लोगों को जाम से राहत मिल सके। एचएसवीपी ने एनएचएआई को 25 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है, लेकिन इस प्रोजेक्ट पर भी अभी तक कोई काम शुरू नहीं हुआ है।
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यह है एचएसवीपी की प्लानिंग
सेक्टर-12, 12-ए की सड़क को कालका जीरकपुर-हाईवे के ऊपर से सेक्टर 20-21 की सड़क के साथ जोड़ेगा। इस ओवरब्रिज का फर्स्ट फ्लोर 5.5 मीटर और सेकेंड फ्लोर 15.5 मीटर पर होगी। यह सेक्टर-12ए और 12 की डिवाइडिंग से ब्रिज को सेक्टर-21 में हरियाणा एग्रीकल्चर ऑफिस के बीच पिलरों से उठाया जाएगा। इसमें घुमाव देकर इसे सेक्टर-20 व 21 की डिवाइडिंग रोड पर उतारा जाएगा। यही आगे जाकर चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तरफ जाने वाली रिंग रोड से मिलता है।
13 साल पहले पार्क बनाया, रखरखाव करना भूला विभाग
सेक्टर-20 पार्ट टू में 2008 में एचएसवीपी ने चार पार्कों को विकसित किया था, लेकिन रखरखाव के अभाव में यह पार्क लावारिस पशुओं का आरामगाह बन गए हैं। दो पार्कों की बाउंड्री तक नहीं हुई है। इन पार्कों का लाभ सेक्टर वासी नहीं लावारिस पशु ले रहे हैं। पूरे पार्क गोबरों से भरे पड़े हैं। पार्कों में झाड़ियां उगी हुुई हैं। नगर निगम इन पार्कों की सफाई नहीं करवाता। - बब्बन सिंह यादव, स्थानीय निवासी
किन समस्याओं से सेक्टर के लोग हैं परेशान
- सेक्टर-20 अंडरपास पर सुबह और शाम लगने वाला जाम
- नगर निगम की तरफ से शुरू किए गया पेड पार्किंग
- 60 फीसदी सोसाइटी के लिए मेन सड़क पर बरसाती पानी की निकासी का नहीं है विकल्प
- अधिकतर सोसाइटी का सीवरेज, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक नहीं पहुंच पाता, सोसाइटी 105 के पास खुला हुआ है
- रेहड़ी फड़ी वालों का सेक्टर की मार्केट में है कब्जा
- सेक्टर के कई जगह फुटपाथ टूटे हैं
अंदरूनी रोड पर पार्किंग नहीं है कहीं
सेक्टर-20 में 113 से ज्यादा सोसायटियां, सात हजार से ज्यादा आबादी वाले दो गांव भी हैं। पंचकूला-जीरकपुर हाईवे के साथ सटे इस सेक्टर में काफी समस्याएं हैं। अब लोगों के लिए इंटरनल रोड पर भी नगर निगम ने पेड पार्किंग शुरू कर दिया है। यह सरेआम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। पूरे ट्राइसिटी में कहीं भी सेक्टर में इंटरनल रोड पर पार्किंग की फीस नहीं ली जाती। यहां ट्रैफिक की समस्या ज्यादा है, उसके बाद पार्किंग शुरू होने के बाद लोगों की दिक्कतें और ज्यादा बढ़ गई हैं। - योगिंदर क्वात्रा, वाइस प्रेसिडेंट आरडब्ल्यूए, सेक्टर-20
सेक्टर के लोग हर काम के लिए मार्केट में आते हैं। यहां बैंक और मंदिर भी हैं। यहां आने वाले लोगों को पहले नगर निगम की पार्किंग में फीस भरनी पड़ती है। उसके बाद अपना काम करना पड़ता है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि पार्किंग फीस लागू होने के चलते लोग सड़क के दोनों तरफ अपने वाहन खड़े कर देते हैं। इसके चलते यहां सड़कों पर जाम के हालात रहते हैं। सेक्टर-8, 9 और 10 में पार्किंग फीस नहीं ली जा रहा है, उसी तरह सेक्टर-20 की पार्किंग में भी फीस लेना बंद किया जाए। - अविनाश मलिक, जनरल सेक्रेटरी, आरडब्ल्यूए।
सेक्टर-20, पीरमुछल्ला और सेक्टर-21 से सटा हुआ है। जब घग्गर पार सेक्टर-25 और 26 से घग्गर पुल बनकर तैयार हो जाएगा तो यहां के लोग सेक्टर-20 और 21 का रास्ता इस्तेमाल करेंगे। उसके बाद ट्रैफिक की समस्या बढ़ जाएगी। ऐसे में नगर निगम को उन हालातों से निपटने के लिए तैयारी करनी चाहिए, लेकिन नगर निगम ने समस्याओं को छोड़कर पेड पार्किंग शुरू कर लोगों की समस्या और ज्यादा बढ़ा दिया है। - केके जिंदल, प्रधान आरडब्ल्यूए।
अंडरपास का सेक्टर-20 के लोग ही इस्तेमाल नहीं करते, बल्कि पीरमुछल्ला के हजारों लोग भी इसी मार्ग से आते और जाते हैं। इस कारण यहां जाम की समस्या बनी रहती है। इस समस्या से निजात तभी मिलेगा जब सेक्टर-12ए और सेक्टर-12 और रैली की तरफ से आ रही सड़क, जहां फ्लाईओवर नीचे उतर रहा है, वहां पर अंडर पास बने और सेक्टर-20 के लोगों को रास्ता दिया जाए, ताकि हजारों लोगों को जाम से राहत मिल सके। - केके जेटली, ज्वाइंट सेक्रेटरी आरडब्ल्यूए।
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