पंचकूला। प्रदेश सरकार कॉलोनी के लोगों को फ्लैट देकर बसाना नहीं, बल्कि उजाड़ना चाहती है। हमारा गुजर-बसर फ्लैट में नहीं होगा, इसलिए प्लॉट चाहिए। यह मांग राजीव-इंदिरा कॉलोनी के लोगों ने की है। फ्लैट में शिफ्ट करने के फैसले को लेकर रविवार को राजीव-इंदिरा कॉलोनी के लोगों ने वार्ड नंबर-7 की पार्षद ऊषा रानी की अध्यक्षता में मीटिंग की। इसमें कॉलोनी के लोगों ने सर्वसम्मति से फैसला किया कि वह इस मामले को लेकर मंगलवार को उपायुक्त महावीर कौशिक के एक ज्ञापन सौंपेंगे। इसके बाद भी यदि सरकार ने उनकी मांग को स्वीकार नहीं किया तो वह हाईकोर्ट जाने की तैयारी करेंगे।
राजीव-इंदिरा कॉलोनी लेबर वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव डॉ. राम प्रसाद ने कहा की कालोनी के लोग एचएसवीपी के पास प्लॉट के लिए 1.10 करोड़ रुपये कई साल पहले जमा करवा चुके हैं। उन्होंने बताया कि सबसे पहले 33 लाख 21 हजार 500 रुपये प्लॉट के लिए जमा करवाए। इसके बाद 76 लाख 75 हजार 500 रुपये फ्लैट के लिए जमा करवाए, लेकिन आजतक प्लॉट और फ्लैट में से कुछ नहीं मिला। सरकार की योजना के अनुसार कालोनी के लोगों के पुनर्वास के लिए शहर के दो सेक्टरों में कुल 74 सौ फ्लैट का निर्माण होना है। इसके लिए एचएसवीपी ने टेंडर लगाने की तैयारी कर ली है।
सेक्टर-28 सेक्टर में 42 सौ फ्लैट के निर्माण की योजना है, जबकि सेक्टर-20 में 32 सौ फ्लैट बनेंगे। लेकिन, वह सरकार के इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। वहीं, दोनों सेक्टर के लोग भी इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। मीटिंग में मोहम्मद नासिर, राजीव भुक्कल, राम शरण, उमेद सिंह, राजेश नन्हा, सुनील सरोहा, प्रदीप शर्मा, सुखदेव सिंह, पन्ना लाल, इंद्रजीत, अजैब सिंह, राम लखन, राम प्रताप यादव, देवशरण, रामदीन यादव और संदीप बेदी मौजूद थे।