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विडंबना : 3200 फ्लैट के लिए 3000 पेड़ों पर चलेगी कुल्हाड़ी, राजीव-इंदिरा कॉलोनी के लोगों के लिए बनाए जाने हैं फ्लैट

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पंचकूला। राजीव-इंदिरा कॉलोनी के पुनर्वास को लेकर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण शहर के दो सेक्टरों में 74 सौ फ्लैट बनाने की तैयारी कर रहा है। सेक्टर-28 में 42 सौ और सेक्टर-20 में 32 सौ फ्लैट बनेंगे। एचएसवीपी के इस फैसले से दोनों सेक्टरों के लोग संतुष्ट नहीं हैं। वह लगातार विरोध कर रहे हैं, क्योंकि सेक्टर-20 में 32 सौ फ्लैट बनाने के लिए विभाग को करीब तीन हजार से ज्यादा पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलानी पड़ेगी, जो सेक्टर के लोगों को मंजूर नहीं है। इससे जहां सेक्टर की हरियाली खत्म हो जाएगी, वहीं उन्हें कई तरह की अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। सरकार के इस फैसले से राजीव-इंदिरा कॉलोनी के निवासी भी खुश नहीं हैं। वे हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। कॉलोनी के लोगों की मांग है कि जिस स्थान पर वह हैं वहीं उन्हें प्लॉट दिया जाए। सरकार उन्हें फ्लैट में शिफ्ट करके उजाड़ना चाहती है।
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सेक्टर-20 आरडब्ल्यूए के उपप्रधान योगिंदर क्वात्रा ने बताया कि वर्तमान में इस सेक्टर की आबादी करीब 45 से 50 हजार है। यदि यहां पर 32 सौ आशियाना फ्लैट और बन जाएंगे तो यहां की आबादी करीब 65 से 70 हजार हो जाएगी। जबकि, इस सेक्टरों से यहां की आबादी पहले ही ज्यादा है। यही कारण है कि इस सेक्टर में दो वार्ड हैं। उन्होंने बताया कि एचएसवीपी ने यहां पर पहले ही 40 फ्लैट का एक आशियाना बना रखा है, जिसमें करीब 1240 लोग रहते हैं। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के नियमानुसार किसी भी अर्बन इस्टेट में रिहायशी आबादी और खाली जगह पार्क, सड़क अन्य पब्लिक यूटिलिटी का अनुपात 65.35 से ऊपर नहीं होता है। जबकि, सेक्टर-20 में ये अनुपात पहले से ही 80.20 को पार कर चुका है।
9.60 एकड़ नेचुरल फॉरेस्ट की जगह पर बनेगा फ्लैट
सेक्टर-20 आरडब्ल्यूए के महासचिव अविनाश मलिक ने बताया कि 9.60 एकड़ के नेचुरल फॉरेस्ट यहां के लोगों के ऑक्सीजन का एकमात्र श्रोत है। जिसका महत्व कोरोना काल में देश की जनता जान चुका है। उसे भी सरकार खत्म करने जा रही है। एक तरफ सरकार पौधरोपण करने के लिए लोगों को जागरूक कर रही है। वहीं, दूसरी तरफ फ्लैट बनाने के लिए तीन हजार से ज्यादा पेड़ों को काटने की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि हरियाली को बचाने के लिए कई बार स्थानीय विधायक, नगर निगम के मेयर, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के चेयरमैन मुख्यमंत्री और एनजीटी को भी ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन आजतक कुछ नहीं हुआ।
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