कैप्टन ने कहा कि पंजाब के कई बड़े आढ़तियों के ठिकानों पर नोटिस जारी करने के सिर्फ चार दिनों में ही यह कार्रवाई हुई, जबकि उनके नोटिस के जवाब का भी इंतजार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि तय कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। यहां तक कि स्थानीय पुलिस को भी सूचना या भरोसे में नहीं लिया गया, जो आम विधि होती है। आईटी टीमों की दबिश के दौरान सुरक्षा प्रदान करने के लिए सीआरपीएफ की सहायता ली गई। मुख्यमंत्री ने पूछा कि यह बदलाखोरी की राजनीति का मामला नहीं है तो फिर क्या है।
इन आढ़तियों के घरों पर रात में हुई कार्रवाई
सीआरपीएफ की दो बसें भरकर जवानों के साथ रातभर जिन आढ़तियों के ठिकानों पर दबिश दी गई, उनमें विजय कालड़ा (प्रधान पंजाब आढ़तिया एसोसिएशन), पवन कुमार गोयल (प्रधान समाना मंडी), जसविंदर सिंह राणा (पटियाला जिला प्रधान), मंजिंदर सिंह वालिया (प्रधान नवांशहर), हरदीप सिंह लड्डा (प्रधान राजपुरा), करतार सिंह और अमरीक सिंह (आढ़तिया राजपुरा) शामिल हैं। पंजाब के कुल 14 आढ़तियों को आयकर विभाग की तरफ से नोटिस मिले हैं।
आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान की दुकान, होटल पर आयकर विभाग का छापा
आयकर विभाग की एक टीम ने शुक्रवार रात नवांशहर आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मनजिंदर वालिया के व्यावसायिक कार्यालयों, दुकान व होटल पर छापा मारा। टीम उनके घर भी गई और वालिया को अपने साथ लिया। मामले में मनजिंदर वालिया ने कहा कि मैं आयकर विभाग टीम के साथ पूरा सहयोग कर रहा हूं।